उत्पाद सिपाही परीक्षा में विज्ञान के प्रश्न रहे कठिन, जीएस आसान
युव पेज लीड के राजेन्द्र कॉलेजिएट स्कूल केंद्र से बाहर निकलते अभ्यर्थी न्यूमेरिक 20 केंद्रों पर आयोजित हुई परीक्षा 02 पालियों में हुई परीक्षा छपरा, नगर प्रतिनिधि। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग...

युव पेज लीड आयोग की गाइडलाइन के अनुसार हुई परीक्षा तीसरी आंख की निगरानी में रहे परीक्षार्थी फोटो-11 : सिपाही भर्ती परीक्षा देकर बुधवार को शहर के राजेन्द्र कॉलेजिएट स्कूल केंद्र से बाहर निकलते अभ्यर्थी न्यूमेरिक 20 केंद्रों पर आयोजित हुई परीक्षा 02 पालियों में हुई परीक्षा छपरा, नगर प्रतिनिधि। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग में मद्य निषेध सिपाही, गृह विभाग (कारा) के अंतर्गत कक्षपाल तथा परिवहन विभाग में चलंत दस्ता सिपाही के पदों पर नियुक्ति के लिए दूसरे चरण की लिखित परीक्षा बुधवार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। जिले में परीक्षा के लिए कुल 20 केंद्र बनाए गए थे।
परीक्षा की व्यवस्था
प्रथम एवं द्वितीय पाली की परीक्षा के लिए कुल 12,234 अभ्यर्थियों के बैठने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन भीषण गर्मी और उमस के कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल नहीं हो सके। पहली पाली की परीक्षा पूर्वाह्न 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा दूसरी पाली की परीक्षा अपराह्न 3 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की गई। अभ्यर्थियों का रिपोर्टिंग समय परीक्षा शुरू होने से एक घंटा पूर्व निर्धारित थी। परीक्षार्थियों के अनुसार प्रश्नपत्र में विज्ञान विषय से संबंधित प्रश्नों की संख्या अधिक थी। अभ्यर्थी आलोक कुमार और संजीव रंजन ने बताया कि विज्ञान के प्रश्न अपेक्षाकृत कठिन थे, जबकि सामान्य अध्ययन के प्रश्न आसान थे। करंट अफेयर्स से भी पर्याप्त संख्या में प्रश्न पूछे गए थे। परीक्षा में पटना हाईकोर्ट के प्रथम मुख्य न्यायाधीश, ‘कामायनी’ के लेखक, विश्व योग दिवस और विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस से संबंधित प्रश्न पूछे गए। परीक्षा के बाद बाहर निकले अभ्यर्थियों ने बताया कि बिहार से संबंधित प्रश्न अपेक्षाकृत कम थे।
परीक्षा की मॉनिटरिंग
जिलाधिकारी व एसपी ने की परीक्षा की मॉनिटरिंग परीक्षा के दौरान जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार ने परीक्षा की मॉनिटरिंग की। अधिकारियों ने केंद्राधीक्षकों को आयोग की गाइडलाइन के अनुरूप परीक्षा संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सभी अभ्यर्थियों की प्रवेश पत्र के साथ फोटोग्राफी की गई। फर्जी परीक्षार्थियों पर रोक लगाने के लिए बायोमेट्रिक प्रणाली के तहत उंगलियों के निशान भी लिए गए। शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान दोबारा बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाएगा। किसी प्रकार की विसंगति मिलने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा के इंतजाम
सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पूर्व अभ्यर्थियों की तीन स्तरों पर सघन जांच की गई। जांच के बाद ही उन्हें परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया। अभ्यर्थियों के बैग और अन्य सामान केंद्र के बाहर जमा कराए गए। मोबाइल फोन सहित सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध था। छात्राओं की जांच के लिए महिला पुलिस बल की विशेष तैनाती की गई थी। सभी केंद्रों पर दंडाधिकारी एवं पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई थी।
उत्तरों पर चर्चा
परीक्षा के बाद उत्तरों पर हुई चर्चा परीक्षा समाप्त होने के बाद केंद्रों के बाहर अभ्यर्थी आपस में प्रश्नों और उनके उत्तरों पर चर्चा करते नजर आए। कई अभ्यर्थी सही और गलत उत्तरों का आकलन कर रहे थे। उनका कहना था कि घर पहुंचने के बाद उत्तरों का मिलान करने पर ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। वहीं कुछ अभ्यर्थियों ने कहा कि आयोग द्वारा उत्तर कुंजी (आंसर-की) जारी होने के बाद ही सही जानकारी मिल पाएगी कि उनके कितने उत्तर सही हैं।
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