अररिया: अवर निरीक्षक परीक्षा: 1,494 अभ्यर्थी रहे उपस्थित, 1,506 रहे अनुपस्थित
अररिया के जिला मुख्यालय पर कड़ी सुरक्षा के बीच मद्य निषेध विभाग के अवर निरीक्षक पद के लिए परीक्षा आयोजित की गई। 1,494 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 1,506 अनुपस्थित रहे। सभी केंद्रों पर सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था कठोर थी। अभ्यर्थियों की एंट्री से पहले फ्रिस्किंग कराई गई।

अररिया से फुलेन्द्र मल्लिक कड़ी सुरक्षा के बीच रविवार को जिला मुख्यालय के आठ विभिन्न केन्द्रों पर मद्य निषेध विभाग के अवर निरीक्षक पद पर नियुक्ति के लिए प्रारंभिक लिखित प्रतियोगिता परीक्षा शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न हुई।
परीक्षा का आयोजन
परीक्षा एकल पाली में आयोजित की गई। परीक्षा में कुल तीन हजार अभ्यर्थियों में से 1,494 अभ्यर्थी उपस्थित हुए, जबकि 1,506 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। जिला प्रशासन द्वारा परीक्षा के सफल एवं पारदर्शी संचालन के लिए व्यापक प्रशासनिक एवं सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। सभी परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखी गई तथा आयोग के दिशा-निर्देशों का पूर्णत: पालन सुनिश्चित कराया गया। परीक्षा के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई थी। परीक्षा के सफल संचालन में सभी केंद्राधीक्षकों, प्रेक्षक-सह-स्टैटिक मजिस्ट्रेट, समन्वय प्रेक्षक-सह-जोनल मजिस्ट्रेट, उड़नदस्ता दल, अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सभी पुलिस पदाधिकारियों, वरीय कोषागार पदाधिकारी तथा परीक्षा कार्य से जुड़े सभी अधिकारियों एवं कर्मियों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
सुरक्षा व्यवस्था
केन्द्र में प्रवेश से पूर्व हुई फ्रिस्किंग:
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रत्येक अभ्यर्थी की परीक्षा केन्द्र में प्रवेश से पूर्व फ्रिस्किंग) कराई गयी। इसके माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया कि किसी के पास लिखित सामग्री, प्रवेश पत्र पर कोई लेख, सादा कागज, क्लिपबोर्ड, स्लाइड रूल, कैलकुलेटर, मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, डिजिटल डायरी, पीडीए अथवा अन्य कोई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तो नहीं है। फ्रिस्किंग पुलिस बल की उपस्थिति में कराई गयी तथा महिला अभ्यर्थियों की जांच महिला पुलिसकर्मियों द्वारा की जाएगी। जांच के दौरान वीडीओग्राफी कराई गयी।
विधि-व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में
विधि-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से अनुमंडल दण्डाधिकारी अररिया ने सभी आठ परीक्षा केन्द्रों के आसपास भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू करते हुए उसका व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने का निर्देश दिये थे। परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रश्नपत्र एवं उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षा हेतु जिला कोषागार के वज्रगृह में सुरक्षित रखने की समुचित व्यवस्था की गई थी।


