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29 अक्तूबर, 2020|6:24|IST

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कश्मीर में नए भूमि कानून पर बवाल, कार्यकर्ताओं के हिरासत से भड़कीं महबूबा बोलीं- ताकत है तो चीन से ले लो जमीन

pdp chief mehbooba mufti

मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर में जमीन की खरीद-बिक्री को मंजूरी दे दी दै। केंद्र सरकार के नए नियम के मुताबिक, अब कोई भी भारतीय नागरिक जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में जमीन खरीद सकता है। मोदी सरकार के इस फैसले के बाद से ही महबूबा मुफ्ती की पार्टी पीडीपी विरोध कर रही है। नए कानून के खिलाफ में पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के कार्यकर्ताओं ने आज यानी गुरुवार को विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया है। पीडीपी कार्यकर्ताओं के हिरासत में लिए जाने को लेकर महबूबा मुफ्ती का गुस्सा फूटा है। उन्होंने सरकार पर निशाना साधा है और कहा कि अगर इतनी ही ताकत है तो चीन को निकालो, जिसने लद्दाख की जमीन खाई है।

पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती ने कहा, 'पीडीपी कार्यकर्ता शांतिपूर्वक भाजपा सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर की जमीन को लूटने के लिए पारित भूमि कानून के खिलाफ विरोध कर रहे थे। हमारे कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया और मुझे उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी गई। न तो सिविल सोसायटी और न ही राजनेता यहां बात कर सकते हैं, पूरे जम्मू-कश्मीर को जेल में बदल दिया गया है।'

उन्होंने आगे कहा, 'ये लोग जम्मू और कश्मीर के संसाधन लूट के ले जाना चाहते हैं। बीजेपी ने गरीब को दो वक्त की रोटी नहीं दी, वो जम्मू और कश्मीर में ज़मीन क्या खरीदेगा? दिल्ली से रोज एक फ़रमान जारी होता है, अगर आपके पास इतनी ताकत है तो चीन को निकालो जिसने लद्दाख की ज़मीन खाई है, चीन का नाम लेने से थरथराते हैं।'

दरअसल, पीडीपी कार्यकर्ता श्रीनगरम नए भूमि कानून और 6 एनजीओ और ट्रस्ट पर एनआईए की रेड के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस ने इन प्रदर्शनकारियों को हटने को कहा, जब वे नहीं मानें तो पुलिस ने दर्जनों कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। 

बता दें कि केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में जमीन खरीदने के लिए 'राज्य का स्थायी निवासी होने' की शर्त को हटा दिया है। गृह मंत्रालय का नोटिफिकेशन तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। ​​केंद्र सरकार ने कहा है कि यह आदेश केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन (केंद्रीय कानूनों का अनुकलन) तीसरा आदेश, 2020 कहा जाएगा। आदेश में कहा गया है कि सामान्य आदेश अधिनियम, 1897 इस आदेश की व्याख्या के लिए लागू होता है क्योंकि यह भारतीय क्षेत्र में लागू कानूनों की व्याख्या करता है।

गृह मंत्रालय के नोटिफिकेशन पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए नेशल कांफ्रेंस के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर अब बिक्री के लिए उपलब्ध है। उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट किया, ''जम्मू-कश्मीर के भू स्वामित्व कानून में अस्वीकार्य संशोधन किया गया है। डोमिसाइल के प्रतीकवाद को भी हटा दिया गया है और गैर कृषि योग्य जमीन की खरीद और कृषि जमीन के ट्रांसफर को आसान कर दिया गया है। जम्मू-कश्मीर अब बिक्री के लिए तैयार है और गरीब, कम जमीन के मालिकों को इसका नुकसान होगा।''
 

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  • Web Title:PDP Chief Mehbooba Mufti Attacks Modi govt after PDP workers being detained during a protest near Sports Complex in Srinagar jammu and Kashmir over new land law