पीयू: मांगों को लेकर भूख हड़ताल जारी, कुलपति आवास का किया घेराव

हिन्दुस्तान, पटना
Follow us on Google News
share

पटना विश्वविद्यालय के छात्रों की 10 सूत्री मांगों पर एआईएसएफ का अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पाचवें दिन भी जारी रहा। छात्रों ने कुलपति आवास का घेराव किया। भूख हड़ताल पर एक छात्र की तबीयत बिगड़ने से उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। छात्रों ने फीस वृद्धि और अन्य मुद्दों पर कार्रवाई की मांग की है।

पीयू: मांगों को लेकर भूख हड़ताल जारी, कुलपति आवास का किया घेराव

पटना विश्वविद्यालय में छात्रों की 10 सूत्री मांगों को लेकर एआईएसएफ का अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पांचवें दिन शुक्रवार को भी जारी रही। एआईएसएफ के छात्रों ने कुलपति आवास का भी घेराव किया और जमकर नारेबाजी की। अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे छात्र प्रिंस राज की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उसे पीएमसीएच में भर्ती कराया गया। छात्र एलएलबी प्रवेश परीक्षा रद्द करने, केंद्रीय पुस्तकालय 24 घंटे सातों दिन खोलने समेत अन्य मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। छात्रों ने कहा कि यदि हमारी बातें नहीं मानी गई और भूख हड़ताल पर बैठे किसी भी साथी को कुछ होता है, तो एआईएसएफ कुलपति आवास में प्रवेश कर वार्ता करेगा।

छात्र नेताओं ने एक स्वर में कहा कि अगर हमारी मांगों को लेकर विश्वविद्यालय गंभीरतापूर्वक विचार नहीं करेगा तो हम विवि को अनिश्चितकाल तक ठप करेंगे और राजभवन मार्च करेंगे।जिला सचिव मीर सैफ अली ने कहा कि लगातार हो रही फीस वृद्धि के कारण गरीब छात्र इसका भुगतान नहीं कर पाएंगे और शिक्षा से दूर हो जाएंगे। आरोप लगाया कि कुलपति छात्रों और कर्मचारियों से संवाद नहीं कर रहे हैं। भूख हड़ताल पर बैठे बिट्टू ने कहा कि विवि की गिरती शिक्षा व्यवस्था, अधिकारियों और छात्रों के बीच संवाद की कमी व छात्रों को सुविधाओं से वंचित रखने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन जिम्मेदार है। पीयू छात्रसंघ की महासचिव खुशी तिवारी ने कहा कि कुलपति किसी भी छात्र प्रतिनिधि से नहीं मिलते हैं। फीस वृद्धि कहीं से भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Hindustan | Bureau

लेखक के बारे में

Hindustan | Bureau

हिन्दुस्तान भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN-IFRA के अनुसार, 2016 में 'हिन्दुस्तान' विश्व के शीर्ष 13 सर्वाधिक प्रसारित अखबारों में शामिल था। हर रोज 5 राज्‍यों सह‍ित देश की राजधानी द‍िल्‍ली और एनसीआर (नोएडा, गाज‍ियाबाद, गुरुग्राम) में 23 संस्‍करण प्रकाश‍ित होते हैं। ‘पाठक सर्वोपर‍ि’ हिन्दुस्तान की संपादकीय नीति है। समय पर, शोध और गहन खोजबीन के बाद व‍िस्‍तार से न्‍यूज र‍िपोर्ट प्रकाश‍ित की जाती है। हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से पेश किया जाता है।

और पढ़ें
Hindi News , इंडिया न्यूज़ , आज का मौसम , विधानसभा चुनाव , CJP Protest Live और Navratri 2026 से जुड़ी ताज़ा खबरों व पल-पल के अपडेट के लिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े रहें। UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Vidhan Sabha Candidates से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें और जानकारी यहां पढ़ें। सभी बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ऐप अभी डाउनलोड करें।
Hindi NewsIndia Newsपीयू: मांगों को लेकर भूख हड़ताल जारी, कुलपति आवास का किया घेराव