नई पीढ़ी को भारत विभाजन के दौरान हुई पीड़ा से कराया रूबरू
14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर जनेश्वर मिश्र सभागार में कार्यक्रम आयोजित हुआ। डीएम अरविंद सिंह ने इस कार्यक्रम का शुभारंभ किया। विभाजन की त्रासदी और बलिदान पर आधारित शॉर्ट फिल्म का प्रदर्शन किया गया। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को पूर्वजों के संघर्ष से परिचित कराना था।

14 अगस्त दिन शुक्रवार को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर जनेश्वर मिश्र सभागार में भावपूर्ण एवं गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका का शुभारंभ डीएम अरविंद सिंह ने विधायक मारहरा वीरेंद्र सिंह लोधी एवं भाजपा जिलाध्यक्ष प्रमोद गुप्ता ने संयुक्त रूप से में फीता काटकर किया। कार्यक्रम में विभाजन की त्रासदी, विस्थापन, पीड़ा, संघर्ष, त्याग एवं बलिदान पर आधारित शॉर्ट फिल्म का प्रदर्शन किया गया। फिल्म एवं प्रदर्शनी के माध्यम से छात्र-छात्राओं एवं उपस्थित लोगों को वर्ष 1947 के विभाजन के दौरान लोगों द्वारा झेली गई पीड़ा, विस्थापन और संघर्ष से परिचित कराया गया। कार्यक्रम के दौरान डीएम ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस अतीत की पीड़ा को स्मरण करने के साथ ही नई पीढ़ी को अपने पूर्वजों के त्याग, संघर्ष और बलिदान से परिचित कराने का अवसर है। सीडीओ राजेन्द्र प्रसाद मिश्र, डीडीओ सुनील कुमार, डीआईओएस डॉ. इंद्रजीत सिंह प्रजापति, बीएसए अनुपम अवस्थी समेत अभिभावक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं आदि मौजूद रहे。
श्रद्धांजलि और एकता का संकल्प
विभाजन की त्रासदी को याद कर शहीदों को दी श्रद्धांजलि, राष्ट्रीय एकता का लिया संकल्प
शुक्रवार को कासगंज रोड स्थित राजकीय आईटीआई में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाया गया।
विद्यालय का महत्व और भविष्य
कार्यक्रम का शुभारंभ विभाजन पीड़ितों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर किया गया। संस्थान के प्रधानाचार्य डॉ. मोहम्मद आसिफ ने कहा कि 14 अगस्त का दिन केवल इतिहास के एक काले अध्याय को याद करने का अवसर नहीं, बल्कि उससे सीख लेकर देश के भविष्य को सुरक्षित एवं मजबूत बनाने का दिन है। संचालन अनुदेशक राजीव उपाध्याय ने किया गया। कार्यदेशक नन्दकिशोर, कार्यदेशक अबरार हुसैन, अनुदेशक मलिखान सिंह सहित संस्थान के समस्त कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।


