शपथ ले रहे थे पीएम मोदी, संविधान लेकर खड़े हो गए राहुल गांधी, पास बैठे थे अखिलेश यादव भी
प्रोटेम स्पीकर भर्तृहरि मेहताब ने सोमवार को सबसे पहले पीएम मोदी को शपथ दिलाई। इसके बाद पीठासीन अधिकारियों के पैनल के सदस्य के रूप में भारतीय जनता पार्टी के राधामोहन सिंह ने शपथ ग्रहण की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई नेताओं ने लोकसभा सांसद के तौर पर सोमवार को शपथ ली। इस दौरान विपक्षी गठबंधन INDIA के सांसद विरोध दर्ज कराने के लिए संविधान की प्रतियां लेकर पहुंचे थे। खास बात है कि पीएम मोदी के शपथ लेने के दौरान कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने संविधान की प्रति दिखाई। इससे पहले विपक्षी सांसदों ने संसद के बाहर भी विरोध प्रदर्शन किया था।
पीएम मोदी के शपथ ग्रहण के दौरान राहुल समेत विपक्ष के कई सांसदों ने संविधान की प्रति दिखाई। सदन में कांग्रेस सांसद के पास समाजवादी पार्टी प्रमुख और कन्नौज सांसद अखिलेश यादव और उत्तर प्रदेश की फैजाबाद सीट से विजयी हुए अवधेश पासी भी बैठे थे। खास बात है कि अयोध्या फैजाबाद सीट के तहत आती है।
राहुल ने आरोप लगाए हैं कि पीएम मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह संविधान पर हमला कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'पीएम और अमित शाह जो संविधान पर हमला कर रहे हैं, वो हमें मंजूर नहीं है और हम ऐसा नहीं होने देंगे। इसलिए हम शपथ लेने के दौरान संविधान लेकर आए हैं...। हमारा संदेश है कि कोई भी ताकत भारत के संविधान को नहीं छू सकती।' राहुल ने उत्तर प्रदेश के रायबरेली और केरल की वायनाड सीट से जीत हासिल की है।
प्रोटेम स्पीकर भर्तृहरि मेहताब ने सोमवार को सबसे पहले पीएम मोदी को ही शपथ दिलाई थी। इसके बाद पीठासीन अधिकारियों के पैनल के सदस्य के रूप में भारतीय जनता पार्टी के राधामोहन सिंह ने शपथ ग्रहण की। पीएम मोदी के बाद भाजपा के राधा मोहन सिंह और फग्गन सिंह कुलस्ते ने सदस्य के रूप में शपथ ली। दोनों सदस्य अगले दो दिन सदन की कार्यवाही के संचालन में प्रोटेम स्पीकर महताब की सहायता करेंगे।
प्रोटेम स्पीकर पर आपत्ति
कांग्रेस सदस्य के. सुरेश, द्रमुक के टी आर बालू और तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंदोपाध्याय को भी सिंह और कुलस्ते के साथ पीठासीन सभापतियों के पैनल में चुना गया है लेकिन उन्होंने शपथ नहीं ली। कांग्रेस ने प्रोटेम स्पीकर के रूप में महताब के निर्वाचन पर आपत्ति जताई है। विपक्षी दल का कहना है कि इस पद पर निर्वाचन के लिए उसके आठ बार के सदस्य सुरेश की अनदेखी की गई है।
संविधान की प्रति लेकर विरोध
कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और विपक्षी गठबंधन INDIA के कई घटक दलों के नेता 18वीं लोकसभा के प्रथम सत्र के पहले दिन सोमवार को संविधान की प्रति लेकर सदन में पहुंचे और एकजुटता जाहिर की। कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी दलों के सांसदों ने भवन परिसर में भी विरोध जाहिर किया।
हालिया लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने संविधान को एक बड़ा मुद्दा बनाया था। उनका आरोप था कि भाजपा संविधान बदलना चाहती है।
लेखक के बारे में
Nisarg Dixitनिसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
और पढ़ें

