खरगे ने राज्यसभा में आक्रामक अंदाज में उठाया छात्रों का मुद्दा
संसद के मानसून सत्र में मंगलवार को राज्यसभा में नीट पेपर लीक पर आंदोलन का मुद्दा उठाया गया। मल्लिकार्जुन खरगे ने छात्रों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस छोड़े जाने की घटना की निंदा की। उन्होंने सरकार से जवाब मांगा और कहा कि छात्रों की मेहनत और भविष्य को प्रभावित करने वाले मामलों की सुनवाई होनी चाहिए।

संसद के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को भी राज्यसभा में नीट पेपर लीक पर छात्रों के आंदोलन का मुद्दा उठाया गया। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस मामले को आक्रामक अंदाज में उठाते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। सदन में हंगामा बढ़ने पर सभापति सीपी राधाकृष्णन ने राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले सदन में खरगे ने कहा कि जो छात्र पेपर लीक और नीट परीक्षा को लेकर आवाज उठा रहे हैं, उन पर बल प्रयोग किया गया।
इन छात्रों पर आंसू गैस छोड़ी गई। इसमें कई छात्र घायल हुए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उन्होंने इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि छात्रों की आवाज सुनी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि लाखों छात्र वर्षों की मेहनत के बाद परीक्षा में शामिल होते हैं और ऐसे मामलों से उनकी मेहनत तथा भविष्य दोनों प्रभावित होते हैं। उन्होंने सरकार से इस पूरे मामले पर सदन में जवाब देने और स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे को पर्याप्त गंभीरता से नहीं ले रही है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है। यदि कहीं भी अनियमितता हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। खरगे के वक्तव्य के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई सदस्य एक साथ अपनी-अपनी बात रखने लगे। लगातार हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही पहले बारह बजे तक स्थगित हुई। दोबारा सदन शुरू होते ही दो बजे तक स्थगित कर दिया गया। दो बजे के बाद सदन की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।


