DA Image
16 अप्रैल, 2021|5:28|IST

अगली स्टोरी

पराक्रम दिवस: नेताजी से जुड़ी किताब के छह पन्ने आज भी गोपनीय, छिपे हैं कुछ अनजाने सच

netaji subhash chandra bose

नेताजी की पराक्रमी सेना ‘आजाद हिंद फौज’ को लेकर लिखी गई एक महत्वपूर्ण किताब के छह पन्ने आज तक गोपनीय बने हुए हैं। भारत सरकार द्वारा संकलित इस किताब के छह पन्नों को गृह मंत्रालय ने गोपनीय घोषित कर दिया था, तब से ये यह किताब विवाद और उत्सुकता का विषय बन गई है। माना जाता है कि इन पन्नों में नेताजी के विमान हादसे से जुड़ी ऐसी जानकारियां हैं जो उनकी मृत्यु के 76 साल बाद भी रहस्य बनी हुई हैं। भारत के इस महान स्वतंत्रता सेनानी की आज 125वीं जयंती है, इस अवसर पर कई राजनीतिक दलों ने केंद्र सरकार से नेताजी पर संकलित पूरी किताब को सार्वजनिक करने की मांग उठाई है।

‘ए हिस्ट्री ऑफ इंडियन नेशन आर्मी 1942-45’ नाम की किताब को जाने-माने इतिहासकार प्रफुल्ल चंद गुप्ता की निगरानी में तैयार किया गया था। इस किताब का 1949-50 के दौरान रक्षा मंत्रालय के इतिहास विभाग ने दस्तावेज के तौर पर संकलन किया था। कुछ वक्त बाद ही भारत सरकार ने इस किताब के 186 से 191 पेज को गोपनीय करार दे दिया था। तृणमूल कांग्रेस ने इस किताब के गैर-संपादित और विस्तृत ड्राफ्ट को सार्वजनिक किए जाने की मांग उठाई है।


तृणमूल सांसद सुखेंदु शेखर रॉय का दावा है कि किताब के ये पन्ने संभवत: बता सकते हैं कि विमान दुर्घटना के वक्त नेताजी बचकर निकल गए थे। उन्होंने इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सवाल किया है।

 

तीन जांच आयोग, मगर नहीं सुलझी गुत्थी

18 अगस्त, 1945 को ताइपेई में हुई एक विमान दुर्घटना के बाद नेताजी लापता हो गए थे। घटना को लेकर तीन जांच आयोग बैठे, जिसमें से दो जांच आयोगों ने दावा किया कि दुर्घटना के बाद नेताजी की मृत्यु हो गई थी। जबकि न्यायमूर्ति एमके मुखर्जी की अध्यक्षता वाले तीसरे जांच आयोग का दावा था कि घटना के बाद नेताजी जीवित थे। इस विवाद ने बोस के परिवार के सदस्यों के बीच भी विभाजन ला दिया था।

100 गोपनीय दस्तावेज अब सार्वजनिक

2016 में प्रधानमंत्री मोदी ने सुभाष चंद्र बोस से जुड़ी सौ गोपनीय फाइलों का डिजिटल संस्करण सार्वजनिक किया, ये दिल्ली स्थित राष्ट्रीय अभिलेखागार में मौजूद हैं।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Parakram diwas 125th birth anniversary of Netaji TMC demands Centre to release declassified pages of a book