आरडीएस में जनसंख्या और चुनौतियों पर पैनल डिस्कशन
मुजफ्फरपुर के रामदयालु सिंह महाविद्यालय में जनसंख्या और चुनौतियों पर पैनल चर्चा हुई। बिहार की युवा आबादी, जनसांख्यिकी लाभांश के संभावनाओं और उनके उचित उपयोग पर चर्चा की गई। मुख्य वक्ता डॉ. आलोक प्रताप सिंह ने कहा कि नीतियों और मानव पूंजी निवेश से बिहार की जनसांख्यिकी लाभांश में परिवर्तन संभव है।

मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। रामदयालु सिंह महाविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग के तत्वावधान में मंगलवार को जनसंख्या और चुनौतियां विषय पर पैनल डिस्कशन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बिहार की युवा आबादी, जनसांख्यिकी लाभांश की संभावनाओं तथा इसके समुचित उपयोग के समक्ष उपस्थित चुनौतियों पर चर्चा की गई।मुख्य पैनलिस्ट एवं वक्ता बीआरएबीयू के डीएसडब्ल्यू डॉ. आलोक प्रताप सिंह ने कहा कि बिहार में उचित नीतियों और मानव पूंजी निवेश के माध्यम से बिहार की जनसांख्यिकी क्षमता को वास्तविक जनसांख्यिकी लाभांश में परिवर्तित किया जा सकता है। यदि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार एवं उद्यमिता के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए जाएं तो बिहार अपनी जनसंख्या को आर्थिक और सामाजिक विकास की सबसे बड़ी शक्ति के रूप में परिवर्तित कर सकता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. शशि भूषण कुमार ने की। अर्थशास्त्र विभाग की सहायक प्राध्यापिका डॉ. श्रुति मिश्रा ने भी विचार रखे।


