वित्त वर्ष के पहले चार महीने में खनन विभाग ने वार्षिक लक्ष्य का 16.44% राजस्व किया है संग्रह
पलामू के उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने राजस्व संग्रहण की समीक्षा की। पहले चार महीनों में खनन विभाग ने ₹57.54 करोड़ का संग्रह किया। उपायुक्त ने अवैध शराब के खिलाफ अभियान चलाने, लंबित मामलों का निपटारा और सरकारी कार्यप्रणाली में सुधार के निर्देश दिए। जनहित पर ध्यान देने की आवश्यकता व्यक्त की गई।

मेदिनीनगर, संवाददाता। पलामू के उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने सोमवार को पलाम समाहरणालय में राजस्व संग्रहण से जुड़े लक्ष्य, उपलब्धि व संबंधित गतिविधियों की समीक्षा करते हुए पाया कि जिला खनन विभाग ने वित्त वर्ष 2026-26 के पहले चार महीने अर्थात जुलाई तक ₹57.54 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रहित किया है। यह सरकार की ओर से आवंटित लक्ष्य का 16.44 प्रतिशत है। इसी प्रकार ने उत्पाद विभाग ने वार्षिक लक्ष्य के विरुद्ध पहले चार महीने में 34.66% लक्ष्य हासिल किया है। उपायुक्त ने राजस्व वसूली में तेजी लाने का निर्देश देते हुए अवैध शराब के विरुद्ध अंतर राज्यीय सीमा क्षेत्रों में अभियान चलाने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने राजस्व संग्रहण के अलावा लंबित राजस्व मामलों, आपदा राहत, भूमि हस्तांतरण, नीलाम पत्र वाद, नामांतरण, रिट पिटीशन तथा सरकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली को लेकर भी इस क्रम में समीक्षा की। इस क्रम में यह बात सामने आई कि मेदिनीनगर और हुसैनाबाद निबंधन कार्यालयों की उपलब्धि वार्षिक लक्ष्य के विरुद्ध पहले चार महीने में क्रमशः 40.36% और 24.35% रही है। इसी प्रकार जीएसटी के वार्षिक लक्ष्य के विरुद्ध 159.04 करोड़ रुपये के वार्षिक लक्ष्य के विरुद्ध जुलाई तक 54.18 करोड़ संग्रहित हुए। मेदिनीनगर नगर निगम ने 16.04 करोड़ के वार्षिक लक्ष्य के विरुद्ध ₹7.21 करोड़ रुपए राजस्व संग्रह किया है। परिवहन विभाग ने 85.59 करोड़ रुपए के लक्ष्य के विरुद्ध 29.16 करोड़ रुपए संग्रहित किया है। विधिक माप विज्ञान विभाग को किराना, पेट्रोल पंप, एलपीजी, हार्डवेयर, उर्वरक और पीडीएस इकाइयों की सघन जांच का निर्देश दिया गया। आपदा प्रभावितों को मानव, पशु एवं मकान क्षति के मामलों में शीघ्र सहायता/मुआवजा उपलब्ध कराने का निर्देश उपायुक्त ने दिया है।उपायुक्त ने अंतरविभागीय भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया एक पक्ष के अंदर पूरा करने का निर्देश दिया गया। लंबित नीलाम पत्र वादों, ई-रेवेन्यू कोर्ट मामलों और नामांतरण वादों के समयबद्ध निष्पादन पर जोर दिया गया। रिट पिटीशन मामलों में समय पर काउंटर एफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जनता के प्रति जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता है और लापरवाही मिलने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। सरकारी कार्यालयों में अनधिकृत व्यक्तियों की अनावश्यक आवाजाही पाए जाने पर भी सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई। योजनाओं और भवनों का चयन करते समय जनहित, उपयोगिता और लाभुकों की सुविधा को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया। बैठक में अपर समाहर्ता, संबंधित विभागों के पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, नीलाम पत्र पदाधिकारी आदि उपस्थित थे।


