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PM मोदी ने फोन पर ट्रंप से कहा, सीमापार से हो रही हिंसा की साजिश

u s  president donald trump calls on prime minister narendra modi to withdraw recently imposed tarif

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बातचीत की। करीब 30 मिनट तक चली लंबी बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने ट्रंप को बताया कि सीमापार से हिंसा की साजिश रची जा रही है। उन्होंने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि कुछ क्षेत्रीय नेता भारत के विरुद्ध हिंसा भड़का रहे हैं और बयानबाजी कर रहे हैं जो शांति के लिए अनुकूल नहीं है।

बातचीत के दौरान द्विपक्षीय संबंधों एवं आपसी सहयोग के विस्तार को लेकर भी चर्चा हुई। सीमापार से होने वाले आतंकवाद का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद एवं हिंसा मुक्त माहौल बनाने और सीमापार से आतंकवाद पर रोक लगाने के महत्व को भी रेखांकित किया। सरकार की तरफ से जारी बयान में बताया गया कि दोनों नेताओं के बीच बातचीत गर्मजोशी भरी और सौहार्दपूर्ण तरीके से हुई। इसमें द्विपक्षीय, क्षेत्रीय मामले शामिल थे। सूत्रों ने कहा कि मोदी ने सीमा पार से जारी गतिविधि से भी राष्ट्रपति ट्रंप को अवगत कराया। 

प्रधानमंत्री ने ट्रंप से व्यापारिक रिश्तों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि उम्मीद करते हैं कि जल्द भारत के वाणिज्य मंत्री और अमेरिकी प्रशासन के बीच बातचीत होगी और द्विपक्षीय व्यापार आगे बढ़ाया जाएगा। मोदी ने बातचीत के दौरान एकीकृत, सुरक्षित और लोकतांत्रिक अफगानिस्तान के लिए काम करने को लेकर भारत की प्रतिबद्धता जताई। बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने इसी साल जून के अंत में राष्ट्रपति ट्रंप से जी- 20 सम्मेलन के दौरान ओसाका में हुई बातचीत का भी जिक्र किया। उन्होंने परस्पर लाभ से जुड़े व्यापारिक रिश्तों की मजबूती को लेकर उम्मीद जताई।

पिछले दिनों ट्रंप की पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ भी टेलीफोन पर बातचीत हुई थी। उसमें ट्रंप ने उन्हें सलाह दी थी कि भारत के साथ तनाव खत्म करने के लिए बातचीत का रास्ता अपनाएं। उन्होंने यह भी कहा था कि कश्मीर के मुद्दे पर दोनो को मिल कर ही हल निकालना चाहिए। इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के अमेरिका दौरे के समय वहां के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि नरेंद्र मोदी ने उनसे जम्मू-कश्मीर मसले पर मध्यस्थता की बात कही थी। हालांकि उनके इस दावे का उसी दिन खुद वाइट हाउस ने ही खंडन किया था। 

क्या होगा असर
आमतौर पर फोन डिप्लोमेसी का उपयोग परस्पर संबंधों को प्रगाढ़ बनाने के अलावा आपात कूटनीतिक जरूरत के मद्देनजर किया जाता है। बातचीत के बाद अमेरिका पाकिस्तान को आतंकी तत्वों पर नकेल कसने और भारत मे हिंसा फैलाने की कोशिशों को रोकने की सलाह दे सकता है।

ट्रंप से बातचीत के मायने
पाकिस्तान जिस तरह से दुनिया को कश्मीर मामले में गुमराह करने का प्रयास रहा है उसे देखते हुए भारत अपने मित्र देशों के सामने कश्मीर पर सही तस्वीर पेश करना चाहता है।मोदी और ट्रंप की बातचीत आतंकरोधी मोर्चेबंदी के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। कश्मीर के बहाने पाकिस्तान आतंक परोसने की अपनी नीति का बचाव करना चाहता है। 

पाक की हरकतें
6 अगस्त : इमरान बोले कश्मीर पर फैसले से पुलवामा जैसे हमले हो सकते है। वे फिर हमला करेंगे
7 अगस्त : पाकिस्तान ने भारतीय उच्चायुक्त को निष्कासित किया।
11 अगस्त : कश्मीर में कफ्र्यू के हालात बिल्कुल आरएसएस की विचारधारा से मिलते हैं। 
14 अगस्त : कश्मीर की आवाज बनेंगे और मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र सहित हर मंच पर उठाएंगे। 
15 अगस्त : कश्मीर की वजह से युद्ध हुआ तो विश्व जिम्मेदार होगा।
18 अगस्त : भारत के परमाणु हथियार मोदी सरकार के नियंत्रण में हैं। दुनिया इस पर नजर रखे।

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  • Web Title:Pakistan Violence Conspiracy Against India PM Narendra Modi Tells Donald Trump On Phone