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19 अक्तूबर, 2020|4:28|IST

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पाकिस्तान ने रची अब टावर वाली साजिश, जानिए क्यों जम्मू-कश्मीर भेजना चाहता है सिग्नल

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जैश-ए-मोहम्मद समेत तमाम आतंकवादी संगठनों को देश में पनाह देने के लिए कुख्यात पाकिस्तान नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। इमरान खान की सरकार ने मोबाइल नेटवर्क के कवरेज को जम्मू-कश्मीर तक बढ़ाने का प्लान तैयार किया है। इससे एक तरफ घुसपैठ करने वाले पाकिस्तानी प्रशिक्षित आतंकियों को मदद मिलेगी, दूसरी तरफ भारत सरकार की ओर से भविष्य में संभावित किसी संचार प्रतिबंध को गच्चा दिया जा सकेगा।

नई दिल्ली में एक शीर्ष सुरक्षा अधिकारी के अनुसार, मौजूदा टेलीकॉम टावरों को ठीक करने और नए का निर्माण करने की योजना पर लगभग एक साल से काम चल रहा है। इसकी शुरुआत कश्मीर में घुसपैठ करने वाले आतंकवादियों की मदद करने के लिए मौजूदा नेटवर्क को मजबूत बनाने के इरादे से की गई थी, लेकिन पिछले साल पांच अगस्त के बाद कश्मीर में संचार पर लगाए गए प्रतिबंध के बाद पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने इससे अन्य फायदे उठाने की योजना पर काम किया। पाकिस्तान चाहता है कि कश्मीरी पाकिस्तानी टेलीकॉम सेवाओं का प्रयोग करें, जिसको भारतीय सेना ब्लॉक न कर सके।

पिछले साल, केंद्र सरकार ने ऐतिहासिक फैसला करते हुए जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 को समाप्त कर दिया था। उस दौरान सरकार ने इंटरनेट सेवाओं को भी प्रतिबंधित कर दिया था, ताकि कोई सोशल मीडिया के जरिए से अफवाहें न फैला सके। तब से ज्यादातर प्रतिबंधों को तो हटा दिया गया है, लेकिन स्थानीय सुरक्षा अधिकारी अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए कुछ समय तक फोन लिंक पर ध्यान दिया है। अगर पाकिस्तान अपनी योजना को आगे बढ़ाता है तो यह घाटी में कश्मीरियों को भारतीय फोन कंपनियों के लिए एक विकल्प प्रदान करेगा।

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एक टॉप नेशनल सिक्योरिटी प्लानर ने सहयोगी अखबार हिन्दुस्तान टाइम्स को बताया कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र में टेलीकॉम सेवाएं पहुंचाने वाले स्पेशल कम्युनिकेशंस ऑर्गनाइजेशन (एससीओ) ने भारत के साथ लगने वाली सीमा और एलओसी के साथ 38 साइटों में सिग्नल का विश्लेषण किया है। विश्लेषण के मुताबिक, उद्देश्य को पूरा करने के लिए 18 जगहों पर जीएसएम एंटीना की फिर से जरूरत होगी, हालांकि यह एलओसी की तरफ से कवरेज को कम कर देगा। ब्लूप्रिंट में पाक अधिकृत कश्मीर में नए बेस ट्रांसीवर स्टेशन की स्थापना के साथ-साथ भारतीय क्षेत्र में वायरलेस लोकल  लूप फोन का उपयोग भी शामिल है। वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ''इस योजना को स्वीकार कर लिया गया है और लागू किया जा रहा है।''

वहीं, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई भी पीओके में एससीओ मोबाइल टावरों की सिग्नल स्ट्रेंथ को बढ़ाने के लिए जोर दे रही है, जैसे कि बारामुला में चाम के सामने, सोपोर के विपरीत लेप में, अपर नीलम वैली, कुपवाड़ा के सामने अठमुकम और श्रीनगर के सामने हिलन मीरा आदि जगह शामिल हैं। इसके अलावा, पाकिस्तानी सेना द्वारा मैनटेन किए जाने वाला एससीओ जम्मू-कश्मीर में टीवी कवरेज बढ़ाने के लिए मुजफ्फराबाद के नजदीक लवत, अपर नीलम और खुईराता में स्थित टीवी टावरों की ट्रांसमिशन पावर को बढ़ा रहा है।

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  • Web Title:Pakistan readies plan to sabotage Jammu Kashmir telecom blackout with new mobile towers