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पाक अधिकारी हॉटलाइन पर नहीं आते, पाक रेंजर्स भी पेशेवर नहीं

Indian- pakistani Army communicate on hotline (Symbolic Image)

भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने पर तुरंत संपर्क के लिए स्थापित हॉटलाइन संचार सेवा अपने मकसद में सफल नहीं हो पा रही। पिछले दिनों बीएसएफ जवान की हत्या के बाद सीमा सुरक्षा बल के कई प्रयासों के बावजूद पाक समकक्ष हॉटलाइन पर नहीं आए। 

एक दर्जन से ज्यादा हॉटलाइन

सूत्रों ने बताया कि वर्ष 2015 में पाक रेंजर्स की ओर से बार-बार संघर्ष विराम उल्लंघन के बाद सुरक्षा बलों की बातचीत के लिए गुजरात से जम्मू सीमा तक एक दर्जन से ज्यादा हॉटलाइन स्थापित की गईं। इसके अलावा दोनों देशों की सेनाओं में डीजीएमओ और शीर्ष राजनीतिक स्तर पर संपर्क के लिए हॉटलाइन सेवा है। लेकिन यह बहुत कारगर नहीं है। जून माह में बीसएफ के चार जवानों की गोलीबारी में मौत के बाद पाक से संपर्क नहीं हो पाया था। 

पाक रेंजर्स पेशेवर नहीं

एक वरिष्ठ अधिकारी ने हिन्दुस्तान से कहा, पाक रेंजर्स ज्यादा पेशेवर तरीका अपनाएं तभी हॉटलाइन प्रभावी होगी। लेकिन वे ज्यादा नुकसान होने पर ही बात करते हैं।

रात दस बजे के बाद नहीं हो पाता संपर्क 

जम्मू-कश्मीर में रात दस बजे के बाद न पाक से कोई कॉल आ सकता है न हमारी तरफ से कॉल संभव है। पिछले दिनों जम्मू-सियालकोट हॉटलाइन संपर्क इसी कारण नहीं हो पाया। दिल्ली में हॉटलाइन का संचालन डीआईजी स्तर के अधिकारी करते हैं। लेकिन घुसपैठ या तनाव की स्थिति में संवाद सहज नहीं होता। इसके अलावा कई और संपर्क के माध्यम हैं लेकिन पाक अधिकारी अपनी सुविधा अनुसार ही उपलब्ध होते हैं।

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