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सीमा पार से पाकिस्तान की नापाक साजिश, देश में सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की कर रहा कोशिश

भारत के खिलाफ सीमा पार बैठा पाकिस्तान नापाक साजिश रच रहा है। भारत में सांप्रदायिक नकारात्मकता फैलाने के लिए पाकिस्तान ट्विटर का सहारा ले रहा है। दिल्ली पुलिस ने रविवार को कहा कि पाकिस्तान...

सीमा पार से पाकिस्तान की नापाक साजिश, देश में सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की कर रहा कोशिश
Ashutosh Rayएएनआई,नई दिल्लीSun, 09 Jan 2022 10:54 PM

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भारत के खिलाफ सीमा पार बैठा पाकिस्तान नापाक साजिश रच रहा है। भारत में सांप्रदायिक नकारात्मकता फैलाने के लिए पाकिस्तान ट्विटर का सहारा ले रहा है। दिल्ली पुलिस ने रविवार को कहा कि पाकिस्तान स्थित ट्विटर हैंडल देशभर में सांप्रदायिक विद्वेष फैलाने का अभियान चला रहा है। दिल्ली पुलिस के आईएफएसओ स्पेशल सेल के डीसीपी केपीएस मल्होत्रा ​​ने रविवार को नागरिकों को सलाह दी कि वे ऐसी भ्रामक सूचनाओं पर भरोसा न करें।

न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए, केपीएस मल्होत्रा ​​​​ने कहा, "46 ट्विटर अकाउंट हैंडल उस समय संज्ञान में आए जब वॉयसओवर के साथ एक वीडियो को शेयर किया गया था जिसमें भारतीय सेना में समुदाय विरोधी एंगल से बदलाव की बात की गई थी।' मल्होत्रा ने कहा कि जांच के बाद हमने पाया कि ये ट्विटर हैंडल पाकिस्तान से संचालित हो रहे थे। उन्होंने कहा 'वे भारत में सांप्रदायिक नकारात्मकता फैलाने के लिए एक अभियान चला रहे थे। मैं नागरिकों को सलाह दूंगा कि वे ऐसे ट्विटर हैंडल पर भरोसा न करें जो सरकार की पॉलिसी पर चर्चा करने वाले हों।'

डीसीपी ने आगे बताया कि पुलिस इन ट्विटर हैंडल को ब्लॉक करना शुरू कर दिया गया है और मामले की जांच में ऐसे और भी कई लिंक सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत में गलत सूचना फैलाने के लिए ऐसे कई अभियान चलाए जा रहे हैं। यह केवल दो समुदाओं के बीच असंतोष पैदा करने के लिए शुरू किया गया है। इसलिए मैं लोगों से इस तरह की जानकारी पर भरोसा न करने का अनुरोध करूंगा।

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, कुछ ट्विटर हैंडल के जरिए फर्जी या मॉर्फ्ड वीडियो शेयर किया गया है। जो वीडियो शेयर किया गया था वह सीडीएस जनरल बिपिन रावत के निधन के बाद 9 दिसंबर 2021 को हुई कैबिनेट कमेटी की बैठक का था। आधिकारिक बयान के मुताबिक नफरत और संप्रदाय को भड़काने के इरादे से वीडियो को मॉर्फ किया गया और उसमें एक नया वॉयस ओवर डालकर शेयर कर दिया गया था। इस वीडियो के साथ छेड़छाड़ कर ऐसा प्रस्तुत किया गया था कि यह बैठक सिख समुदाय के खिलाफ हो रही है।

डीसीपी ने बताया कि सभी ट्विटर हैंडल अक्टूबर 2021 से दिसंबर 2021 के बीच बनाए गए थे। जब इनकी जांच की गई तो पता चला कि ये पाकिस्तान से सिंगल ब्राउजर के जरिए संचालित किए जा रहे थे। फिलहाल दिल्ली पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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