एमओयू से मिथिला शोध संस्थान का होगा विकास
दरभंगा। ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के साथ मिथिला संस्कृत शोध संस्थान का करार होने से संस्थान को तीव्र विकास होगा। स्थानीय लोगों ने खुशी जताई है। इस पहल से मिथिला की सारस्वत परंपरा को नई पहचान मिलेगी। इस करार का ज्ञान भारतम मिशन के लिए विशिष्ट महत्व है।

दरभंगा। ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के साथ मिथिला संस्कृत शोध संस्थान का करार होने से संस्थान को तीव्र विकास होगा। इस करार के लिए ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय की ओर से बिहार सरकार को लिखे गए पत्र के आलोक में जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद संजय झा की ओर से सीएम सम्राट चौधरी से पहल करने के आग्रह पर स्थानीय लोगों ने खुशी जताई है।
संस्थान को नई पहचान
शोध संस्थान के पूर्व पांडुलिपि विभागाध्यक्ष डॉ. मित्रनाथ झा ने राज्यसभा सांसद संजय झा को इसके लिए साधुवाद देते हुए कहा कि इस पहल से मिथिला की सारस्वत परंपरा को नई पहचान मिलेगी। ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के साथ संस्थागत समन्वय का दूरगामी प्रभाव होगा। ज्ञान भारतम मिशन के लिए इस करार का विशिष्ट महत्व है।
राज्यसभा सांसद का योगदान
राज्यसभा सांसद डॉ. झा ने ऑक्सफोर्ड विवि की संस्कृत टेक्स्ट सोसाइटी के साथ संस्थागत करार से संबद्ध पत्र मुख्यमंत्री को सौपे जाने पर हर्ष व्यक्त करते हुए डॉ. झा ने इसे मिथिला के अंतिम नरेश महाराजाधिराज डॉ. सर कामेश्वर सिंह के सपनों को नई उड़ान देने की दिशा में किया जा रहा प्रयास बताया।
शिक्षाविदों की सराहना
शिक्षाविद डॉ. शिवकिशोर राय ने राज्यसभा सांसद की सराहना करते हुए कहा कि संजय झा के प्रयासों से शोध संस्थान का कायाकल्प हो रहा है। कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विवि के स्नातकोत्तर साहित्य विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष पासवान ने भी राज्यसभा सांसद की इस पहल की सराहना की है। कला संस्कृति विभाग के राज्य परामर्शी उज्ज्वल कुमार ने कहा कि राज्यसभा सांसद की इस पहल से पूरब और पश्चिम के ज्ञान के आदान-प्रदान को नई दिशा मिलेगी। मिथिला और ऑक्सफोर्ड विवि के बीच बौद्धिक तादात्म्य स्थापित होने से उच्चस्तरीय अनुसंधान व प्रकाशन के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य होंगे।


