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7 अप्रैल, 2020|6:47|IST

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भारत आने वाले सातवें राष्ट्रपति होंगे डोनाल्ड ट्रंप, सबसे पहले आए थे आइजनहावर

us president donald trump

डोनाल्ड ट्रंप की अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में पहली भारत यात्रा के तामझाम की चर्चा जोरों पर है। देखा जाए तो ट्रंप पिछले साठ सालों में भारत आने वाले अमेरिका के सातवें राष्ट्रपति होंगे। पहली बार 1959 द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने के लिए तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति ड्वाइट डेविड आइजनहावर ने भारत की यात्रा की थी। 

1959 : आइजनहावर को 21 तोपों की सलामी
नौ-14 दिसंबर तक ड्वाइट डेविड आइजनहावर भारत यात्रा पर आए थे। यह किसी अमेरिकी राष्ट्रपति की पहली ऐतिहासिक भारत यात्रा थी। राष्ट्रीय राजधानी पहुंचने पर उन्हें 21 तोपों की सलामी दी गई थी। वह तत्कालीन राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद और प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से मिले थे। उन्होंने रामलीला मैदान में भाषण दिया था और संसद के दोनों सदनों के सदस्यों को संबोधित किया था। 

1969 : निक्सन की भारत यात्रा नाकाम रही
रिचर्ड निक्सन 31 जुलाई से एक अगस्त के बीच भारत यात्रा पर आने वाले दूसरे राष्ट्रपति थे। आइजनहावर की तरह निक्सन की यात्रा कोई बड़ा संदेश नहीं दे पाई। वह एक दिन से भी कम समय यहां रहे और भारत को कुछ हासिल नहीं हुआ। 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम में निक्सन पाकिस्तान के पक्ष में रहे।

1978 : जिम्मी कार्टर ने संबंधों को सुधारने का काम किया
जिम्मी कार्टर भारत की यात्रा (एक से तीन जनवरी) पर आने वाले तीसरे अमेरिकी राष्ट्रपति थे। उनकी यात्रा से महज कुछ महीने पहले जनता पार्टी के मोरारजी देसाई देश के प्रधानमंत्री बने थे। तीन दिन की इस यात्रा के दौरान कार्टर ने संसद को संबोधित किया और वह गुरुग्राम के एक गांव में गए। इस गांव का नाम उनके नाम पर रखा गया। उनकी यह यात्रा 1971 के बांग्लादेश मुक्तिसंग्राम और 1974 के परमाणु परीक्षण के आलोक में भारत और अमेरिका के बीच संबंधों को सुधारने पर केंद्रित थी।

2000 : क्लिंटन ने आर्थिक साझेदारी की शुरुआत की
बिल क्लिंटन दो दशक बाद भारत की यात्रा पर आने वाले चौथे अमेरिकी राष्ट्रपति थे। वह 19 से 25 मार्च 2000 के दौरान भारत यात्रा पर आए थे। कई लोग इसे पासा पलटने के रूप में देखते हैं जिस दौरान क्लिंटन और तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने के लिए एक दिशा तय की। यह यात्रा ऐसे समय हुई जब अमेरिका 1999 के परमाणु परीक्षण और कारगिल युद्ध के बाद भारत पर प्रतिबंध लगा चुका था। सबसे महत्वपूर्ण बात है कि क्लिंटन की यात्रा भारत अमेरिका रणनीतिक एवं आर्थिक साझेदारी की शुरुआत को रेखांकित करती है।

2006 : बुश ने परमाणु करार को तोहफा दिया
जार्ज डब्ल्यू बुश भारत की यात्रा पर आने वाले पांचवें अमेरिकी राष्ट्रपति थे। वह मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री के रूप में पहले कार्यकाल के दौरान अपनी पत्नी लारा बुश के साथ एक से तीन मार्च 2006 को भारत यात्रा पर आए थे। बुश की इस यात्रा को परमाणु करार होने के लिए याद किया जाएगा।

2010 और 2015 : ओबामा ने दो बार यात्रा कर संबंधों को मजबूती दी
बराक ओबामा वर्ष 2010 भारत की यात्रा करने वाले छठे अमेरिकी राष्ट्रपति थे। इस यात्रा से भारत अमेरिका रणनीतिक संबंधों को मजबूत होने का संदेश गया। वह दिल्ली के बजाय मुंबई पहुंचे। इसका उद्देश्य न केवल व्यापार बल्कि मुंबई हमले में मारे गए लोगों के परिवारों के साथ एकजुटता प्रदर्शित करना था। ओबामा ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता की तरफदारी की। उन्होंने 24-27 जनवरी, 2015 को फिर भारत की यात्रा की। वह भारत की दो बार यात्रा करने वाले अमेरिका के पहले राष्ट्रपति बने। इस बार वह गणतंत्र दिवस परेड के मुख्य अतिथि थे।

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  • Web Title:Over 60 years after Eisenhower came calling India set to welcome 7th US president