फरक्का जल संधि हित में नहीं : जदयू
मधुबनी में जदयू के नेताओं ने फरक्का जल संधि के नवीनीकरण का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि 1996 में भारत और बांग्लादेश के बीच हुई इस संधि से बिहार के लोगों को समस्याएं हो रही हैं। बिहार के 12 जिलों को विशेष रूप से नुकसान हो रहा है, और जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

मधुबनी,विसं। फरक्का जल संधि बिहार के लोगों के हित में नहीं है। संधि के नवीनीकरण का विरोध होना चाहिए। जदयू जिलाध्यक्ष श्रीनारायण भंडारी एवं हरलाखी विधायक सुधांशु शेखर ने शुक्रवार को स्टेशन रोड स्थित जिला कार्यालय में संयुक्त रूप से प्रेस को संबोधित करते हुए यह बातें कहीं। उन्होंने कहा कि 1996 में भारत और बांग्लादेश के बीच हुई यह संधि हुई थी जो बिहार के लोगों के लिए अभिशाप साबित हो रहा है। जल-प्रबंधन बुरी तरह बिगड़ गया है। फरक्का (गंगा) जल संधि के मुताबिक शुष्क मौसम 1 जनवरी से 31 मई के बीच में जब बक्सर के पास गंगा का प्रवाह लगभग 14 हजार क्यूसेक तक रहता है तब भी फरक्का से बंगलादेश के लिए लगभग 53 हजार क्यूसेक पानी छोड़ना पड़ता है।
पूर्व मुख्यमंत्री व पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार फरक्का बराज और फरक्का जल संधि से बिहार को होने वाले नुकसान पर चिंता जताते आ रहे हैं। पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सांसद संजय कुमार झा मानसून सत्र में फरक्का जल संधि पर सवाल उठाते हुए उसके नवीनीकरण का विरोध किया। जिला उपाध्यक्ष गुलाब साह, अहमद हुसैन, रामनरेश चौपाल, अविनाश कुमार सिंह, अभिनव कुमार सिंह, फुलदेव यादव ने कहा अभियान चलाया जा रहा है।12 जिला सबसे अधिक प्रभावित: जदयू जिलाध्यक्ष ने कहा कि फरक्का जल संधि से गंगा किनारे बसे बक्सर, भोजपुर, सारण, पटना, वैशाली, समस्तीपुर, बेगुसराय, लखीसराय, मुंगेर, खगड़िया, भागलपुर और कटिहार सबसे अधिक अधिक प्रभावित है। इन जिलों में राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा के साथ नीतीश संवाद के तहत जन जागरूकता अभियान चला रहे हैं।


