साइबर ठगों को ठगी के लिए खाते देने वाले 14 लोगों पर केस
नोएडा में साइबर अपराधियों को बैंक खाते मुहैया कराने वाले 14 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। ऑपरेशन साइबर वज्र के तहत कार्रवाई की गई। पुलिस ने संदिग्ध बैंक खातों का पता लगाया, जिनका उपयोग साइबर ठगी में किया गया था। विभिन्न थानों में शिकायतों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

नोएडा,वरिष्ठ संवाददाता। साइबर अपराधियों को ठगी के लिए बैंक खाते मुहैया कराने वाले 14 लोगों के खिलाफ जिले के अलग-अलग थानों में केस दर्ज हुआ है। ऑपरेशन साइबर वज्र के तहत कार्रवाई की गई है। केस विभिन्न थानों में तैनात पुलिसकर्मियों की ओर से ही दर्ज कराया गया है। दावा है कि आरोपियों से संबंधित बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से हासिल रकम को एक खाते से दूसरे खाते में ट्रांसफर करने के लिए किया जा रहा था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन साइबर वज्र के तहत साइबर मुख्यालय से मिली जानकारी और नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर दर्ज शिकायतों के आधार पर संदिग्ध बैंक खातों की जांच की गई।
जांच में कई खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम के लेनदेन में होने की पुष्टि हुई। इसके बाद कार्रवाई का खाका तैयार किया गया। इसके तहत थाना एक्सप्रेसवे पुलिस ने सरस मुकुंद के नाम से संचालित खाते के खिलाफ कार्रवाई की है। इस खाते के संबंध में एनसीआरपी पोर्टल पर कई शिकायतें दर्ज हैं। थाना सेक्टर-24 पुलिस ने इंडसइंड बैंक के एक खाते के खिलाफ कार्रवाई की, जिसके संबंध में 44 साइबर शिकायतें मिलीं। इसी थाने में एक अन्य बैंक खाते के खिलाफ भी नौ शिकायतें दर्ज होने पर मुकदमा किया गया। थाना सेक्टर-39 पुलिस ने तीन खाताधारकों के अलावा सरिता देवी और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज किया। थाना सेक्टर-49 पुलिस ने एसबीआई के एक खाते और अमित कुमार के खिलाफ फर्जी तरीके से खाता खुलवाने के आरोप में कार्रवाई की। इसके अलावा थाना फेस-1 पुलिस ने सौरभ, शुभम जायसवाल और अनिकेत मिश्रा, थाना सेक्टर-113 पुलिस ने सुलोचना देवी तथा थाना सेक्टर-126 पुलिस ने दो अन्य खाताधारकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अब सभी बैंक खातों के लेनदेन, रकम के स्रोत और साइबर अपराधियों से उनके संबंधों की जांच कर रही है।


