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सानंद से केवल एक बार मिलीं उमा भारती, नहीं मानी स्वामी की मांग

Swami Gyan Swaroop Sanand (Professor GD Agarwal)(HT Photo)

मातृसदन के अध्यक्ष शिवानंद सरस्वती ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत पर दिवंगत स्वामी सानंद मामले में गलत बयान देने का आरोप लगाते हुए एसआईटी जांच की मांग की है।

मातृसदन में आयोजित ‘प्रेस वार्ता’ के दौरान शिवानंद सरस्वती ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री गलत बोल रहे हैं कि ज्ञानस्वरूप सानंद के साथ सरकार और प्रशासन ने संवाद स्थापित किया था। कहा कि हाईकोर्ट ने बीती 11जुलाई को मुख्य सचिव उत्पल कुमार को 12 घंटे के भीतर सानंद से वार्ता करने के निर्देश दिए थे। पर मुख्य सचिव ने हाईकोर्ट के आदेश को न मानते हुए 2 जुलाई को स्काईप एप के माध्यम से सानंद से वार्ता की।

उन्होंने कहा कि सीएम के कथानानुसार उमा भारती दो बार सानंद से मिली थी। जबकि उमा ने एक बार सानंद के साथ मुलाकात की। शिवानंद ने कहा कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि सानंद की सभी मांगें पूरी कर दी गई थी। पर केंद्रीय मंत्री ने गंगा महासभा के ‘राष्ट्र नदी गंगाजी संरक्षण एवं प्रबंधन अधिनियम’ के ड्राफ्ट को लागू करने से इनकार कर दिया था। कहा कि सरकार और एम्स प्रशासन ने सानंद की हत्या करने के लिए षड्यंत्र रचा और उनकी हत्या करने में कामयाब भी हो गए।

सरकार से मिला है एम्स प्रशासन

शिवानंद ने कहा कि एम्स डायरेक्टर का यह बयान कि सानंद अनशन समाप्त करना चाहते हैं पर उन्हें अनशन जारी रखने के दिशा निर्देश दिए जा रहे थे पूरी तरह गलत है। सानंद ने आरोप लगाया कि सरकार और एम्स प्रशासन आपस मिले हुए हैं। इसलिए उन्होंने पहले ही एम्स ऋषिकेश में सानंद की हत्या की आशंका जताई थी। 

भाजपा के सिर रहेगा संतों की हत्या का कलंक : राजेंद्र

मातृसदन पहुंचे जलपुरुष राजेंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार ने संतों की हत्या का कलंक अपने सिर ले लिया। एम्स प्रशासन का यह कहना सरासर गलत है कि सानंद को अनशन के लिए बाध्य किया जा रहा था। गंगा के गंगत्व को बचाने के लिए ज्ञानस्वरूप सानंद ने और उन्होंने लंबी लड़ाई लड़ी थी। सानंद का व्यक्तिव इतना ऊंचा था कि वे किसी कहने पर कोई काम नहीं कर सकते थे। कहा कि सानंद को गंगा का अध्यात्मिक ज्ञान और विज्ञान की पूरी जानकारी थी। राजेंद्र सिंह ने कहा कि कहा कि गंगा की रक्षा के लिए अब देश हजारों लाखों लोग आएंगे। सानंद ने जो मुहिम शुरू की थी वो उनके बलिदान के बाद भी जारी रहेगी।

गोपालदास का अनशन जारी रहेगा

प्रकृति और गंगा की रक्षा के लिए बीते 111 दिनों से अनशन कर रहे गोपालदास शुक्रवार को मातृसदन पहुंचे। गोपालदास अब मातृसदन आश्रम में ही अपना अनशन जारी रखेंगे। गोपालदास ने इससे पहले बद्रीनाथ, जोशीमठ, गोपेश्वर और ऋषिकेश में अनशन किया था। सानंद के निधन के बाद गोपालदास ने जल त्याग दिया था। पर शुक्रवार को जलपुरूष राजेंद्र सिंह, शिवानंद सरस्वती  और रवि चोपड़ा ने नींबू पानी पिलाकर पानी, नमक और शहद के साथ अपने अनशन को जारी रखने की अपील की।  

शिवानंद 20 अक्तूबर से करेंगे अनशन शुरू 

20 अक्तूबर को नवरात्र समाप्त होने के बाद शिवानंद सरस्वती आमरण अनशन शुरू करेंगे। हालांकि वे अनशन की शुरुआत में जल नहीं त्यागेंगे। शिवानंद ने कहा कि वे सरकार को सानंद की की मूल मांग को पूरा करने के लिए समय देंगे। पर सरकार न मानी तो वे भी कठोर तप करेंगे।

पार्थिव शरीर सौंपने से इनकार 

एम्स ऋषिकेश ने मातृ सदन को प्रो.जीडी अग्रवाल उर्फ सानंद के पार्थिव शरीर को सौंपने से इंकार कर दिया है। सानंद मातृ सदन आश्रम में जिस कुर्सी पर बैठा करते थे। उसी कुर्सी पर  उनकी तस्वीर को रखकर उन्हें पुष्प श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

केंद्र व राज्य सरकार कटघरे में : प्रीतम

उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा है कि प्रो. जी.डी. अग्रवाल उर्फ सानंद की मौत के बाद केंद्र व प्रदेश सरकार सवालों के कटघरे में आ गई है। सानंद की मौत पर दुख जताते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि 111 दिन तक अनशनरत सानंद को लेकर सरकार ने कुछ नहीं किया। 
हरिद्वार में एक आश्रम में शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में प्रीतम सिंह ने कहा कि संत समाज जो भी फैसला लेगा कांग्रेस उनके साथ जुड़कर लामबंद होने का काम करेगी। प्रीतम ने कहा कि आने वाले सत्र में भी कांग्रेस इस मामले को सदन में उठाएगी। 

स्वामी सानंद का निधन दुखद : नीतीश

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अविरल गंगा के पक्षधर रहे स्वामी सानंद जी (जीडी अग्रवाल) के निधन पर दुख जताया है और उन्हें श्रद्धांजलि दी है। साथ ही यह भी कहा है कि गंगा हमारी संस्कृति की अनमोल धरोहर है। मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर अपने विचार रखे हैं।

एक नजर में सानंद का आंदोलन

  • 22 जून को आमरण अनशन शुरू किया।
  • 10 जुलाई को प्रशासन ने देहरादून में दून अस्पताल में भर्ती कराया।
  • 11 जुलाई को कोर्ट ने जांच के लिए एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराने और मुख्य सचिव को वार्ता के लिए दिए थे आदेश।
  •  24 जुलाई को एम्स से डिस्चार्ज होने के बाद प्राइवेट टैक्सी से मातृसदन पहुंचे थे। 
  • 3 अगस्त को केंद्रीय जलसंसाधन मंत्री उमा भारती मातृसदन में लंबी वार्ता के बाद भी अनशन समाप्त कराने में असफल रहीं। 
  • 13 अगस्त को बिगड़ते स्वास्थ्य के चलते चिकित्सकों के परामर्श पर एम्स ऋषिकेश में हुए थे भर्ती।
  • 16 अगस्त को स्वास्थ्य में सुधार के बाद एक बार फिर पहुंचे थे मातृसदन।
  • 9 सितंबर को जल, शहद और नमक त्यागने की घोषणा की।
  • 13 सितंबर को राहुल गांधी ने पत्र लिखकर सांनद को दिया था समर्थन।
  •  24 सितंबर को आरएसएस सर कार्यवाहक ने सांनद से की थी वार्ता।
  •  9 अक्तूबर को पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने सानंद से की थी वार्ता।
  • 10 अक्तूबर को प्रशासन ने जबरन अस्पताल में कराया  भर्ती।
  • 11 अक्तूबर को दोपहर 1:20 मिनट पर चिकित्सकों ने मृत घोषित किया।

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  • Web Title:Only once Uma Bharti met Clean Ganga activist GD Agarwal and did not accept demand says Shivanand Saraswati