लखीसराय: प्याज के छिलकों से तैयार करें जैविक खाद
लखीसराय में कृषि सलाहकार अनिल कुमार सिंह के अनुसार, प्याज के छिलके किसानों और बागवानी प्रेमियों के लिए जैविक खाद बन सकते हैं। ये छिलके पौधों की वृद्धि, जड़ों की मजबूती और उत्पादन में सहायता करते हैं। रासायनिक खादों से कम निर्भरता और बेहतर उत्पादन के लिए प्याज के छिलकों का उपयोग एक प्रभावी तरीका है।

लखीसराय से मनीष की रिपोर्ट घरों में आमतौर पर बेकार समझकर फेंक दिए जाने वाले प्याज के छिलके अब किसानों और बागवानी प्रेमियों के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं। कृषि सलाहकार अनिल कुमार सिंह ने बताया कि प्याज के छिलकों से तैयार किया गया जैविक तरल खाद पौधों की वृद्धि, जड़ों की मजबूती और उत्पादन बढ़ाने में काफी सहायक होता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में लोग अपने घरों की छत, आंगन और बालकनी में सब्जियां एवं अन्य पौधे उगा रहे हैं। ऐसे में रासायनिक खादों पर निर्भरता कम करने और कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त करने के लिए प्याज के छिलकों का उपयोग एक प्रभावी विकल्प है।
श्री सिंह ने बताया कि प्याज के सूखे छिलकों में पोटाश, कैल्शियम, लौह तत्व, मैग्नीशियम और फास्फोरस जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व पाए जाते हैं। ये तत्व मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के साथ-साथ पौधों की जड़ों को मजबूत बनाते हैं। मजबूत जड़ें पौधों को अधिक पोषण ग्रहण करने में मदद करती हैं, जिससे उनकी बढ़वार अच्छी होती है और फूल एवं फल की संख्या में वृद्धि होती है।


