एकतरफा प्यार में किसी भी हद तक जाने को तैयार था विराज
एक तरफा प्यार में विराज किसी भी हद तक जा सकता है। रति तलाक लेना चाहती थी और विराज ने उसकी मदद की बात की, लेकिन अंत में उसने रति के बेटे आरव की हत्या कर दी। रति ने शादी का प्रस्ताव ठुकरा दिया था, जिससे विराज ने यह कदम उठाया।

एक तरफा प्यार में विराज किसी भी हद तक जा सकता है इसके बारे में कभी रति ने नहीं सोचा था। रति के पति से अनमन के बाद वह तलाक लेना चाहती थी और विराज ने उसकी मदद के लिए वकीलों से बात करके मुकदमे में हर हाल में जीत दिलाने की बात कही। मुकदमे की पैरवी की बात कहकर विराज रति के नजदीक आ गया था लेकिन वह बाद में शादी की बात कहने लगेगा यह रति को नहीं पता था। 30 मई को जब शिकोहाबाद की यादव कॉलोनी में विराज पाठक निवासी शेखूपुरा बदायूं मिलने के लिए आया था तो उसने रति से कहा था कि मुकदमे को लेकर कई वकीलों से बात हुई है। मिलकर बात करना चाहता है। रति का कहना है कि वह विराज को रिश्ते का देवर समझकर बात करती थी और मुकदमे में उसकी मदद करने की बात कर करता था कि वह पति से तलाक को मुकदमा डाले, वकील उसको तलाक दिलवा देंगे। रति निवासी बामई अरांव की शादी सुमित उर्फ प्रियंक निवासी सियाराम नगर बदायूं के साथ हुई थी। शादी के बाद पति द्वारा उसको प्रताड़ित किया जाता था। उससे मारपीट की जाती थी। कई बार तो वह हाथ पैर तक बांधकर रति की पिटाई कर देता था। बीमारी में चिकित्सक को नहीं दिखाना और काम नहीं करने पर मारपीट करना पति की आदत में आ गया।
तलाक दिलवाकर शादी करना चाहता था
रति बताती हैं कि उसकी मां उसको किसी तरह ससुराल से अपने बच्चे के साथ लेकर आ गई थी और पति से तलाक के लिए रिश्ते का देवर विराज उसकी मदद की बात कहने लगा था। विराज को लगा कि पति से अलग होगी तो उससे शादी कर लेगी। लेकिन एकतरफा प्यार में विराज क्या सोच रहा है रति को नहीं पता था। शिकोहाबाद में मिलने आए विराज ने शादी का प्रस्ताव रखा तो रति ने ठुकरा दिया था। कहा था कि अब बाकी जिंदगी अपने बेटे के साथ ही बिताएगी। बस यही बात विराज को चुभी और उसने बच्चे आरव को रास्ते के हटाने के लिए उसकी जमीन पर आठ बार पटककर हत्या कर दी थी।


