एक देश एक चुनाव पर संयुक्त संसदीय समिति ने लखनऊ में जानी अधिकारियों की राय
- अधिकारियों से चर्चा के बाद आज राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से होगी बातचीत

एक देश एक चुनाव के मसले पर बनी संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) ने सोमवार को लखनऊ में अलग-अलग बैठकों में राज्य के शीर्ष अधिकारियों से इस मसले पर उनकी राय जानी। समिति ने मुख्य सचिव एसपी गोयल, डीजीपी राजीव कृष्ण और यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा समेत अन्य अधिकारियों से इस मसले पर चर्चा की।
राजनीतिक दलों से चर्चा
संयुक्त संसदीय समिति मंगलवार को विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करके इस मसले पर उनका मन्तव्य जानेगी।
संविधान संशोधन विधेयक
एक देश एक चुनाव विषय पर भाजपा सांसद पीपी चौधरी की अध्यक्षता में 39 सदस्यीय संयुक्त संसदीय समिति बनाई गई है। समिति के अलग-अलग सदस्य अलग-अलग राज्यों का दौरा करके इस मसले पर विभिन्न हितधारकों और अधिकारियों से उनकी राय संग्रहीत कर रहे हैं। समिति के सदस्य पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने सोमवार को कहा कि देश को एक साथ लोकसभा व विधान सभा के चुनाव कराने की जरूरत है। एक साथ चुनाव हो जाने पर बार-बार लगने वाली आचार संहिता और उससे काम प्रभावित होने का झंझट समाप्त हो जाएगा। इस मसले पर हम उच्च अधिकारियों और राजनीतिक दलों की राय जान रहे हैं। समिति एक और सदस्य पुरुषोत्तम रूपाला ने कहा कि जेपीसी ने संविधान संशोधन विधेयक (129वां संशोधन) पर विचार कर रही है। यह विधेयक लोकसभा में 17 दिसंबर 2024 को पेश किया गया था, जहां से इसे जेपीसी को परीक्षण के लिए भेज दिया गया था। रूपाला ने कहा कि 17 जुलाई को जेपीसी की बैठक के पहले रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जा सकता है ताकि लोकसभा में इसे फिर से विचार के लिए प्रस्तुत किया जाए।
विभिन्न विभागों से बातचीत
जानकारी के मुताबिक, सोमवार को समिति ने वित्त, गृह, शिक्षा, पर्यटन और कृषि समेत अन्य विभागों के अधिकारियों से बातचीत की। समिति ने नेशनल फर्टीलाइजर, सेंट्रल बैंक, एफसीआई, नाफेड और उत्तर रेलवे, रेल विकास, कोल इंडिया समेत अन्य पीएसयू के प्रतिनिधियों से भी उनके विचार जाने। समिति ने इसके अलावा वरिष्ठ वकीलों और अवध बार काउंसिल सदस्यों से भी इस मसले पर चर्चा की। अनुराग ने कहा कि मंगलवार को विभिन्न राजनीतिक दलों से इस मसले पर चर्चा होगी और उनकी राय जानी जाएगी।


