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24 जनवरी, 2020|2:45|IST

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पीएम मोदी की नमामि गंगे पर आयोजित पहली बैठक पर अखिलेश का तंज-पहले भ्रष्टाचार का गोमुख साफ करें

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नेशनल गंगा काउंसिल की बैठक के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विशेष विमान से चकेरी पर उतरने के बाद हेलीकॉप्टर से सीएसए पहुंचे। इससे पहले चकेरी में उनका स्वागत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। वहां से हेलीकाप्टर से पीएम ने गंगा का हवाई सर्वे कर सच्चाई परखी। सीएसए विश्वविद्यालय परिसर में चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद पीएम सीधे नेशनल गंगा काउंसिल की हो रही पहली बैठक में पहुंचे। नमामि गंगे पर आयोजित पहली बैठक पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि नकली सफाई को झूठ का चश्मा पहनाया जा रहा है, पहले भ्रष्टाचार का गोमुख साफ करें। 

पूर्व मुख्यमंत्री एवं सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार सुबह ट्विटर पर नमामि गंगे काउंसिल की कानपुर में आयोजित बैठक से पहले किया तंज। कहा, नकली सफाई को झूठ का चश्मा पहनाया जा रहा है। उन्होंने पीएम मोदी को सलाह भी दी कि प्रधानमंत्री जी पहले भ्रष्टाचार का गोमुख साफ करें तक कानपुर पहुंचे।

इस दौरान प्रधानमंत्री गंगा नदी की साफ सफाई से जुड़े आयामों की समीक्षा करेंगे। उनके नौका भ्रमण करने की भी संभावना है। यह बैठक शनिवार को चंद्रशेखर आजाद कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर में होने वाली है। गंगा नदी से जुड़ी परियोजनाएं मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड और उत्तराखंड से संबंधित हैं। इसमें गंगा किनारे बसे पांच राज्यों उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड व प. बंगाल के मुख्यमंत्री या उनके प्रतिनिधि हिस्सा लेंगें।

हालांकि अभी पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के इसमें शामिल होने की पुष्टि नहीं हुई है। बिहार के उपमुख्यमंत्री कार्यालय के बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में कानपुर में 14 दिसम्बर (शनिवार) को आयोजित 'नेशनल गंगा काउंसिल' की पहली बैठक में सुशील कुमार मोदी भाग लेंगे। इस बैठक में नमामि गंगे परियोजना की विस्तृत समीक्षा के साथ ही इस प्रोजेक्ट की समाप्त हो रही अवधि को विस्तारित करने पर विचार होगा।

बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने बताया कि पूरे देश में इस कार्यक्रम के तहत 28,628 करोड़ रूपए की स्वीकृति दी गई है जिसमें से बिहार में 4,653.81 करोड़ रुपये मुख्य रूप से एसटीपी और उसके नेटवर्क के निर्माण,पर खर्च किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त गंगा किनारे के गांवों में पौधारोपण, औद्योगिक इकाइयों के उत्सर्जन को गंगा में प्रवाहित होने से रोकने तथा घाटों व शवदाह गृहों के निर्माण आदि पर भी खर्च किया जा रहा है।

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  • Web Title:On the first meeting held on PM Narendra Modi Namami Gange Akhilesh yadav says firstly clear the face of corruption