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शहरों के बाद अब गांवों में फैलेगी ओमिक्रॉन की लहर, हेल्थ एक्सपर्ट ने चेताया

कोरोना की ओमिक्रॉन लहर मेट्रो शहरों के बाद आने वाले कुछ हफ्तों में छोटे शहरों और गांवों में फैलेगी। आईएमए कोच्चि में कोविड टास्क फोर्स के सलाहकार डॉ राजीव जयदेवन ने यह आशंका जताई है। उन्होंने कहा कि...

शहरों के बाद अब गांवों में फैलेगी ओमिक्रॉन की लहर, हेल्थ एक्सपर्ट ने चेताया
Niteesh Kumarएएनआई,नई दिल्लीSun, 23 Jan 2022 10:02 PM

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कोरोना की ओमिक्रॉन लहर मेट्रो शहरों के बाद आने वाले कुछ हफ्तों में छोटे शहरों और गांवों में फैलेगी। आईएमए कोच्चि में कोविड टास्क फोर्स के सलाहकार डॉ राजीव जयदेवन ने यह आशंका जताई है। उन्होंने कहा कि हर लहर में ऐसा ही ट्रेंड देखने को मिला है। डॉ जयदेवन ने एएनआई को बताया, "हर बार लहर पहले हाई मोबिलिटी वाले इलाकों को प्रभावित करती है, जिसमें मेट्रो शहर, छोटे इलाके और फिर गांवों आते हैं। इसलिए, अगले कुछ हफ्तों के भीतर मौजूदा लहर छोटे शहरों या कस्बों और फिर गांवों तक जाएगी। यह एक ट्रेंड है जिसे दुनिया भर में देखा गया है।"

क्या ओमिक्रॉन दूसरे कोविड वैरिएंट्स की जगह लेगा और यह सामान्य सर्दी के रूप में बना रहेगा? इस पर डॉ राजीव ने कहा, "यह वास्तव में सच नहीं है। अगर आप पिछले दो वर्षों में महामारी के इतिहास को देखें, तो सभी वेरिएंट्स मर चुके हैं। ऐसा कोई वैरिएंट नहीं है जो प्रभावी होने के लिए पर्याप्त समय तक जीवित रहे। यहां और वहां कुछ छिटपुट मामले हो सकते हैं।"

'ओमिक्रॉन थोड़े समय के लिए रहेगा'
डॉ जयदेवन ने कहा, "भारत में हम मार्च 2021 में वुहान में मिले वैरिएंट से प्रभावित हुए और फिर पिछले साल डेल्टा की चपेट में आ गए। अब इस साल हम ओमिक्रॉन की चपेट में आ गए हैं। इसलिए यह कह सकते हैं कि ओमिक्रॉन थोड़े समय के लिए रहेगा। यह संभावना नहीं है कि डेल्टा लंबे समय तक जीवित रहेगा।" उन्होंने कहा कि स्टडी से पता चला है कि ओमिक्रॉन विभिन्न ऊतक कोशिकाओं के साथ थोड़ा अलग व्यवहार करता है। फेफड़ों में संक्रमण पैदा करने की क्षमता इसमें कम है।

'डेल्टा वैरिएंट से डर गए थे लोग'
डॉ जयदेवन ने यह भी कहा कि इस समय दोनों वैरिएंट समान व्यवहार कर रहे हैं। उनमें से कोई भी दूसरे से अधिक खतरनाक नहीं है, क्योंकि हर कोई जानता है कि ओमिक्रॉन डेल्टा से अलग व्यवहार करता है। उन्होंने कहा, "जब डेल्टा आया, तो हमारी आबादी का एक बड़ा हिस्सा डर गया था, क्योंकि उन्होंने पहले कभी ऐसा वायरस नहीं देखा था। साथ ही लोगों का टीकाकरण नहीं हुआ था। लेकिन, ओमिक्रॉन ऐसे समय में पहुंच रहा है जब ज्यादातर लोगों के पास या तो वायरस का नेचुरल एक्सपोजर था या टीका लगवा चुके थे।"

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