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पुंछ हमला सुरक्षा विफलता नहीं, इलाके में आतंकवाद के जीवित होने का सबूत; बोले उमर अब्दुल्ला

अब्दुल्ला ने कहा, ‘मैं इसे सुरक्षा विफलता नहीं कहूंगा। यह इस जगह की वास्तविकता है। भाजपा ने उग्रवाद की कमर तोड़ने का दावा किया, लेकिन हमने बार-बार कहा कि वे सच्चाई स्वीकार नहीं कर रहे।'

पुंछ हमला सुरक्षा विफलता नहीं, इलाके में आतंकवाद के जीवित होने का सबूत; बोले उमर अब्दुल्ला
Niteesh Kumarएजेंसी,श्रीनगरSun, 05 May 2024 11:11 PM
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नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर के पुंछ में आतंकवादी हमले को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि वह इस अटैक को सुरक्षा विफलता के रूप में नहीं देखते हैं, क्योंकि उस क्षेत्र में आतंकवाद अब भी जीवित है। अनंतनाग-राजौरी लोकसभा क्षेत्र में मतदान से तीन सप्ताह पहले यह घटना हुई। शनिवार को पुंछ जिले में आतंकवादियों ने भारतीय वायुसेना के एक काफिले पर घात लगाकर हमला किया, जिसमें एक सैनिक की मौत हो गई और चार घायल हो गए। पुंछ तो अनंतनाग-राजौरी संसदीय क्षेत्र का हिस्सा है, जहां 25 मई को छठे चरण में मतदान होना है।

अब्दुल्ला ने कहा, ‘मैं इसे सुरक्षा विफलता नहीं कहूंगा। यह इस जगह की वास्तविकता है। भाजपा ने उग्रवाद की कमर तोड़ने का दावा किया, लेकिन हमने बार-बार कहा है कि वे सच्चाई स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं। सच्चाई यह है कि दुर्भाग्य से, जो क्षेत्र आतंकवाद से मुक्त हो गए थे, वहां हम फिर से आंतकवाद देख रहे हैं।’ पूर्व मुख्यमंत्री श्रीनगर लोकसभा सीट से अपनी पार्टी के उम्मीदवार आगा सैयद रुहुल्ला मेहदी के लिए डाउनटाउन शहर के हवाल इलाके में प्रचार कर रहे थे।

'इन जगहों को आतंकवाद से लगभग कर दिया था मुक्त'
उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर शहर और पुंछ-राजौरी क्षेत्र का उदाहरण देते हुए दावा किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान वहां से आतंकवाद समाप्त कर दिया गया था। उन्होंने कहा, ‘मैं विशेष रूप से दो स्थानों का उल्लेख करूंगा, पहला श्रीनगर शहर, जहां बार-बार हमले हुए हैं, चाहे वह पुलिसकर्मियों या अल्पसंख्यक समुदाय पर हों और दूसरा पुंछ-राजौरी क्षेत्र। मेरे कार्यकाल के दौरान हमने इन स्थानों को लगभग आतंकवाद से मुक्त कर दिया था। हालांकि, कल हुई घटना से संकेत मिलता है कि वहां स्थिति सामान्य से बहुत परे है।’

पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर को दोबारा हासिल करने के भाजपा नेताओं के बयानों पर अब्दुल्ला ने कहा कि कोई भी इसका विरोध नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि उन्हें किसने रोका है? क्या आपने किसी को यह कहते हुए सुना है कि वे ऐसा करने से रोकेंगे? हम कौन होते हैं इसे रोकने वाले? हालांकि, उन्हें इधर के हिस्से वाले कश्मीर में स्थिति सामान्य करने दें। वे इस पक्ष को संभालने में सक्षम तो हैं नहीं, लेकिन दूसरा हिस्सा वापस लेने की बात कर रहे हैं।'