पुरानी पेंशन सहित 14 सूत्रीय मांगों को लेकर शिक्षकों ने किया धरना
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (पांडेय गुट) ने पुरानी पेंशन बहाली और शिक्षकों की 14 सूत्रीय मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने अपनी एकता दिखाई और विभिन्न मांगों के लिए संघर्ष करने का संकल्प लिया, जिसमें सेवा सुरक्षा, समयबद्ध पदोन्नति और वित्तविहीन शिक्षकों के अधिकार शामिल हैं।

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (पांडेय गुट) की ओर से शुक्रवार को डीआईओएस कार्यालय में पुरानी पेंशन बहाली एवं शिक्षकों की 14 सूत्रीय मांगों को लेकर एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न विद्यालयों से आए शिक्षकों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर अपनी एकजुटता का परिचय दिया।
धरना-प्रदर्शन का उद्देश्य
मुख्य अतिथि एवं उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ.भोज कुमार शर्मा ने कहा कि शिक्षक समाज अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करता आया है और आगे भी पूरी दृढ़ता के साथ करता रहेगा। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली, सेवा सुरक्षा, समयबद्ध पदोन्नति, वित्तविहीन शिक्षकों के अधिकार और सम्मानजनक सेवा-शर्ते किसी वर्ग विशेष की नहीं, बल्कि पूरे शिक्षक समाज की साझा मांग हैं।
14 सूत्रीय मांगें
धरने में पुरानी पेंशन बहाली, शिक्षा सेवा अधिनियम-2023 में सेवा सुरक्षा एवं पदोन्नति संबंधी प्रावधानों की पुनर्स्थापना, वित्तविहीन शिक्षकों को सम्मानजनक मानदेय, तदर्थ शिक्षकों का विनियमितीकरण, एनपीएस से जुड़े लंबित प्रकरणों का निस्तारण, कैशलेस चिकित्सा सुविधा का विस्तार, त्रिस्तरीय सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष किए जाने सहित 14 सूत्रीय मांगों को प्रमुखता से उठाया गया। एसीपी, व्यावसायिक एवं कम्प्यूटर शिक्षकों शिक्षकों को पूर्ण शिक्षक का दर्जा दिया जाए।
ज्ञापन सौंपना
कार्यक्रम के उपरांत संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री, के नाम संबोधित ज्ञापन डीआईओएस रविंद्रपाल सिंह तौमर को सौंपकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की। जिला विद्यालय निरीक्षक में समस्त शिक्षक समस्याओं का निस्तारण करने की बात कही। कार्यक्रम की अध्यक्षता लक्ष्मी रानी शर्मा, जिला अध्यक्ष ने की। इस अवसर पर जसवंत सिंह, डॉ.अरुण कुमार गौतम, रामवीर सिंह, शिव ज्योति नीतू सिंह राम मूर्ति सत्येंद्र माहेश्वरी, धीरज सिंह धाकड़, जितेंद्र तिवारी, डॉ.राघवेंद्र सिंह, सुधीर कुमार कुलश्रेष्ठ, डॉ.निखिल जैनसहित संगठन के अनेक पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।


