ओडिशा ने वाहनों के लिए प्रदूषण जुर्माना घटाया

हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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ओडिशा सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र के बिना चल रहे वाहनों पर जुर्माने को कम कर दिया है। परिवहन मंत्री विभूति भूषण जेना ने बताया कि अब जुर्माना पहली बार और उसके बाद होने वाले उल्लंघनों के अनुसार घटाया गया है। मोटरसाइकिल और तिपहिया वाहनों पर पहली बार 1,000 रुपये और दूसरी बार 2,000 रुपये का जुर्माना लगेगा।

ओडिशा ने वाहनों के लिए प्रदूषण जुर्माना घटाया

भुवनेश्वर, एजेंसी। ओडिशा सरकार ने वाहनचालकों की आलोचना के बाद बुधवार को राज्य में प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र के बिना चल रहे वाहनों पर जुर्माने को कम कर दिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। सरकार 2019 से इस उल्लंघन के लिए सभी तरह की गाड़ियों पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगा रही थी। अधिकारियों ने बताया कि अब जुर्माना काफी घटा दिया गया है। इसे הראשונה और उसके बाद होने वाले उल्लंघनों के आधार पर विभिन्न श्रेणियों में बांट दिया गया है।

जुर्माना कम करने की जानकारी

परिवहन मंत्री विभूति भूषण जेना ने कहा कि सरकार गाड़ी मालिकों की दिक्कतों को लेकर चिंतित है और उसका मकसद सिर्फ जुर्माना वसूलकर कमाई करना नहीं है। जेना ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत, यात्रियों या सामान की ढुलाई में इस्तेमाल होने वाली मोटरसाइकिलों और तिपहिया वाहनों पर पहली बार नियम तोड़ने पर एक हजार रुपये और दूसरी या उसके बाद नियम तोड़ने पर 2 हजार रुपये का जुर्माना लगेगा।

नए जुर्माना ढांचे की जानकारी

उन्होंने कहा कि इसी तरह, कैब, कार, जीप और ट्रैक्टर के मामले में पहली बार नियम तोड़ने पर 2 हजार रुपये और उसके बाद नियम तोड़ने पर 5 हजार रुपये का जुर्माना लगेगा। जेना ने बताया कि भारी वाहनों एवं अन्य तरह के वाहनों के लिए पहली बार नियम तोड़ने पर 3 हजार रुपये और दूसरी या उसके बाद नियम तोड़ने पर 6 हजार रुपये का जुर्माना तय किया गया है। मंत्री ने वाहन मालिकों से जनहित में मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की।

प्रश्नोत्तर

ओडिशा सरकार ने जुर्माना कम करने का कारण क्या बताया?
ओडिशा सरकार ने गाड़ी मालिकों की दिक्कतों को लेकर चिंतित होने के कारण जुर्माना कम किया है।
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