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देशकोरोना वैक्सीन के लिए ओडिशा ने निकाला ग्लोबल टेंडर, ऐसा करने वाला बना 5वां राज्य

देवब्रत मोहंती, हिन्दुस्तान टाइम्स,भुवनेश्वरPublished By: Madan Tiwari
Mon, 10 May 2021 11:43 PM
कोरोना वैक्सीन के लिए ओडिशा ने निकाला ग्लोबल टेंडर, ऐसा करने वाला बना 5वां राज्य

कोरोना वायरस की दूसरी लहर के बीच देश में वैक्सीनेशन अभियान को तेज करने की तमाम कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन टीके की सीमित संख्या इसके आड़े आ रही है। इस वजह से विभिन्न राज्य ज्यादा-से-ज्यादा वैक्सीन पाने के लिए ग्लोबल टेंडर निकाल रही हैं। उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और महाराष्ट्र के बाद अब ओडिशा ने भी टीकों के लिए ग्लोबल टेंडर निकाला है। ओडिशा ऐसा करने वाला पांचवां राज्य बन गया है। साथ ही ओडिशा ने केंद्र सरकार से अपील की है कि वह वैक्सीन के इम्पोर्ट में टैक्स में छूट दे ताकि वित्तीय भार कुछ कम हो सके। ग्लोबल टेंडर जारी करने का यह फैसला राज्य के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के नेतृत्व में की गई बैठक में लिया गया।

बैठक के दौरान, वैक्सीन की तेजी से खरीद और टीकाकरण के लिए एक तकनीकी टीम बनाने का भी निर्णय लिया गया। ओडिशा 18-44 आयु वर्ग में अपने लोगों को टीका लगाने के लिए टीके इम्पोर्ट करना चाहता है। वर्तमान में, राज्य को सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक द्वारा बनाई गई कोविशिल्ड और कोवैक्सीन मिल रही है। राज्य को उम्मीद है कि उन्हें रूस का टीका स्पूतनिक-V मिल सकेगा, जोकि 91 फीसदी प्रभावी है और रूस के गामालिया रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी ने बनाया है। हाल ही में इस वैक्सीन को भारत में भी इस्तेमाल करने के लिए मंजूरी दे दी गई है।

ओडिशा सरकार का ग्लोबल टेंडर जारी करने का यह फैसला उसके बाद सामने आया है, जब वैक्सीन की सप्लाई में कुछ कमी आई है। सोमवार को बालासोर, क्योंझर और भद्रक जैसे जिलों में कई वरिष्ठ नागरिक वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाने आए थे, लेकिन वैक्सीन उपलब्ध नहीं हो सकी, जिसके बाद उन्होंने धरना भी दिया। लोगों ने आरोप लगाया है कि वे हर दूसरे दिन टीके की दूसरी डोज के लिए सेंटर पर जाते रहे हैं, लेकिन वैक्सीन उपलब्ध नहीं हो सकी है। अभी तक राज्य में कोविशील्ड और कोवैक्सीन के 62,84,644 टीके लगाए जा चुके हैं।

इसके साथ ही, कोरोना वायरस की दूसरी लहर से लड़ने के लिए ओडिशा की तैयारियों को मजबूत करते हुए कैबिनेट ने राज्य में मेडिकल ऑक्सीजन के प्रोडक्शन को प्रोत्साहित करने के लिए औद्योगिक नीति संकल्प-2015 में संशोधनों को भी मंजूरी दे दी है। इससे मेडिकल ऑक्सीजन और कंटेनर बनाने वालों को लाभ मिलेगा।

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