बिहार, झारखंड समेत पांच राज्यों के युवा हैं स्लिम फिट
क्रॉसर --दक्षिण भारत के 40 फीसदी युवा मोटापे की चपेट में --उत्तर प्रदेश की स्थिति

नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। देश के कई हिस्सों में बदलती जीवनशैली और खानपान की आदतों के कारण मोटापा बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बन रहा है, वहीं कुछ राज्यों के युवा स्लिम फिट नजर आ रहे हैं। बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मेघालय में 20 फीसदी वयस्क ही मोटापे से पीड़ित हैं, जबकि दक्षिण भारत के कई राज्यों में इसका स्तर 40 फीसदी है। राष्ट्रीय परिवार कल्याण सर्वेक्षण (एचएफएचएस)-6 की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2024 में 15-49 आयु वर्ग में देश में 27.3 फीसदी पुरुष और 30.7 फीसदी महिलाएं मोटापे की चपेट में हैं। वहीं, वर्ष 2021 में हुए एचएफएचएस-5 में यह प्रतिशत क्रमश: 22.9 एवं 24 फीसदी था।
यह दर्शाता है कि पुरुषों में मोटापे की दर 4 फीसदी और महिलाओं में 6 फीसदी बढ़ी है। यह रुझान तमाम राज्यों में भी देखने को मिला है। जिन पांच राज्यों में मोटापे का प्रतिशत 20 फीसदी से नीचे दर्ज किया गया है, उनमें झारखंड 16.8 फीसदी पुरुष और 16.9 फीसदी महिलाएं ही मोटापे की चपेट में हैं। बिहार में 19.4 फीसदी पुरुष और 19.8 फीसदी महिलाएं मोटापे की शिकार हैं। छत्तीसगढ़ में यह प्रतिशत क्रमश: 16.1 तथा 20.3 है। मध्य प्रदेश में 17.6 फीसदी पुरुष और 22 फीसदी महिलाएं मोटापे की चपेट में हैं। पांचवा राज्य मेघालय है, जहां सिर्फ 15.6 फीसदी पुरुष और 13.8 फीसदी महिलाएं मोटापे की शिकार हैं। उत्तराखंड, पूर्वोत्तर के राज्यों के लोगों में मोटापे का प्रतिशत 28-35 फीसदी के बीच दर्ज किया गया है जो राष्ट्रीय औसत से ज्यादा है। रोचक तथ्य यह है कि जिन राज्यों में ज्यादा लोग स्लिम फिट हैं, वे अपेक्षाकृत आर्थिक रूप से पिछड़े हैं, जबकि दक्षिणी राज्य जहां मोटापा चरम पर है, वे आर्थिक रूप से सक्षम हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश की स्थिति ज्यादा चिंताजनक नहीं है। यहां पर 21.8 फीसदी पुरुष और 26.7 फीसदी महिलाएं मोटापे की चपेट में हैं।


