जिले के 1951 टीबी मरीजों को मिलेगा पोषण सहयोग- पेज-4
औरंगाबाद में न्यूट्रीशन किट वितरण अभियान शुरूटो- अगस्त एयूआर 16 कैप्शन- औरंगाबाद नगर भवन में शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित प्रभारी मंत्री रमा निषाद, एमएलसी दिलीप कुमार सिंह, विधायक ललन राम,...

प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत औरंगाबाद जिले के 1951 अधिसूचित टीबी मरीजों को पोषण सहयोग उपलब्ध कराने की पहल शुरू की गई है। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग, बिहार सरकार एवं जिला प्रशासन, औरंगाबाद के संयुक्त तत्वावधान में औरंगाबाद कलेक्ट्रेट स्थित नगर भवन में न्यूट्रीशन किट वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, बिहार सरकार की मंत्री सह जिले की प्रभारी मंत्री रमा निषाद ने की।
कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम का शुभारंभ डीएम अभिलाषा शर्मा ने प्रभारी मंत्री को पौधा भेंट कर स्वागत के साथ किया। विधान पार्षद दिलीप कुमार सिंह एवं कुटुंबा विधायक ललन राम का भी सिविल सर्जन द्वारा पौधा भेंट कर स्वागत किया गया। डीएम अभिलाषा शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत न्यूट्रीशन किट का वितरण केवल पोषण सहायता देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह टीबी के खिलाफ सामूहिक प्रतिबद्धता, संवेदनशीलता और सामाजिक सहभागिता का उदाहरण है।
टीबी उन्मूलन के प्रयास
टीबी उन्मूलन के प्रयासों को गति देने के लिए सौ दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के विभिन्न चरणों में व्यापक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। 24 मार्च 2026 को विश्व टीबी दिवस के अवसर पर अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत की गई, जिसका उद्देश्य टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाना, समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित करना तथा बीमारी को लेकर लोगों में मौजूद डर और संकोच को दूर करना है।
पोषण का महत्व
टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए केवल दवा और चिकित्सा उपचार पर्याप्त नहीं है। टीबी मरीजों के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए पर्याप्त पोषण, परिवार का सहयोग, सामाजिक समर्थन और निरंतर प्रोत्साहन भी जरूरी है। इसी उद्देश्य से निक्षय मित्रों और विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से टीबी मरीजों को पोषण सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। अधिक से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग, एक्स-रे और आवश्यक जांच कराने के साथ पात्र मरीजों को निःशुल्क उपचार एवं दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिले के सभी अधिसूचित 1951 टीबी मरीजों तक पोषण सहयोग पहुंचाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
सामूहिक जिम्मेदारी
प्रभारी मंत्री रमा निषाद ने कहा कि टीबी के खिलाफ लड़ाई केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। टीबी मरीजों को बीमारी के कारण किसी भी प्रकार के सामाजिक भेदभाव या उपेक्षा का सामना नहीं करना चाहिए। विधान पार्षद दिलीप कुमार सिंह ने कहा कि टीबी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में जिले की उपलब्धियां उत्साहवर्धक हैं। मरीजों को समय पर उपचार के साथ पोषण उपलब्ध कराना इस अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी है। कार्यक्रम के दौरान प्रभारी मंत्री रमा निषाद ने 1951 टीबी मरीजों के लिए न्यूट्रीशन किट वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर डीडीसी कुमारी अनुपम सिंह, सिविल सर्जन, जिला पंचायती राज पदाधिकारी इफ्तेखार अहमद, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्वेता प्रियदर्शी, डीपीओ अविनाश प्रकाश, डीपीएम स्वास्थ्य मोहम्मद अनवर आलम आदि मौजूद थे।
स्क्रीनिंग में वृद्धि
-------------------------------- जिले में पांच लोगों की स्क्रीनिंग का काम पूरा औरंगाबाद जिले में एक माह के भीतर स्क्रीनिंग की संख्या में बड़े स्तर पर वृद्धि हुई है और लगभग पांच लाख लोगों की टीबी स्क्रीनिंग पूरी की जा चुकी है। यह उपलब्धि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मियों, आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी सेविकाओं, जनप्रतिनिधियों, निक्षय मित्रों और आम लोगों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। न्यूट्रीशन किट के संबंध में डीएम ने बताया कि इसमें तेल, आटा, सोयाबीन, मूंगफली, व्हे पाउडर सहित विभिन्न प्रोटीन और पोषक तत्वों से युक्त खाद्य सामग्री शामिल है। इसका उद्देश्य उपचार की अवधि में टीबी मरीजों को पर्याप्त पोषण उपलब्ध कराना है, जिससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो और वे शीघ्र स्वस्थ हो सकें।


