सत्य निकेतन त्रासदी प्रशासनिक विफलता का नतीजा: एनएसयूआई
नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता सत्य निकेतन में पीजी भवन हादसे के विरोध में

नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता सत्य निकेतन में पीजी भवन हादसे के विरोध में एनएसयूआई ने सोमवार को 500 से अधिक छात्रों के साथ कैंडल मार्च निकाला। मार्च का नेतृत्व एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने किया। संगठन ने हादसे को छात्र सुरक्षा और शहरी प्रशासन की गंभीर विफलता बताया। जाखड़ ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय में पर्याप्त छात्रावास नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को निजी पीजी में रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। वहीं, सरकार और एमसीडी निजी पीजी की सुरक्षा जांच सुनिश्चित करने में विफल रहे हैं। उन्होंने दिल्ली सरकार, एमसीडी और डीयू प्रशासन की जवाबदेही तय करने की मांग की।
एनएसयूआई ने हादसे में मृत और घायल छात्रों के लिए तत्काल मुआवजा और सहायता देने की मांग की कि संगठन ने सभी पीजी और निजी छात्रावासों की व्यापक सुरक्षा जांच, असुरक्षित और अनधिकृत भवनों पर कार्रवाई तथा डीयू में पर्याप्त और किफायती छात्रावास विकसित करने की मांग की। साथ ही सत्य निकेतन हादसे की समयबद्ध जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की। जाखड़ ने टाउन प्लानिंग और नियामकीय शिकायतों पर भी तत्काल कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि ऐसी लापरवाही दोबारा न हो, इसके लिए सरकार और संबंधित एजेंसियों को जवाबदेही तय करनी होगी।


