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एनआरआई शादी का पंजीकरण 30 दिन के भीतर जरूरी

NRI marriage registration necessary within a month (File Pic)

एनआरआई से शादी करने वाली महिलाओं को उत्पीड़न से बचाने के लिए केंद्र सरकार ने राज्यसभा में अहम विधेयक पेश किया है। इसके तहत  एनआरआई से देश और विदेशों में होने वाले विवाह को शादी की तारीख से 30 दिनों के भीतर पंजीकरण अनिवार्य रूप से कराना होगा। पंजीकरण न कराने पर पासपोर्ट जब्त किया जा सकता है। 

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने एनआरआई विवाह रजिस्ट्रीकरण विधेयक 2019 पेश करते हुए इसे मील का पत्थर बताया। विधेयक विदेश मंत्रालय, महिला व बाल विकास मंत्रालय, गृहमंत्रालय और कानून मंत्रालय के आपसी समन्वय व प्रयास से तैयार किया गया है। सरकार का कहना है कि इस विधेयक का मकसद भारतीय महिलाओं को अनिवासी भारतीयों द्वारा किए जाने वाले कपटपूर्ण  विवाह से बचाना है। 

विधेयक के कारणों एवं उद्देश्य में कहा गया कि भारतीय महिलाओं को अनिवासी भारतीयों द्वारा किए जाने वाले कपटपूर्ण  विवाह से बचाने के लिए कुछ सुरक्षा उपाय करने की आवश्यकता है। इसी के तहत भारत और भारत के बाहर होने वाले ऐसे विवाह को शादी की तारीख से तीस दिनों के भीतर पंजीकरण बनाया जाना अनिवार्य किया गया है। 

पंजीकरण न होने पर कार्रवाई :

इस विधेयक के जरिये पासपोर्ट अधिनयम-1967 और दंड प्रक्रिया संहिता-1973 में संशोधन का प्रावधान है। इसके तहत यदि पासपोर्ट अधिकारी के संज्ञान में यह बात आती है कि किसी अनिवासी भारतीय ने अपने विवाह का पंजीकरण शादी की तारीख से 30 दिनों के भीतर नहीं करवाया है तो वह उसका पासपोर्ट रद्द कर सकता है। 

संपत्ति कुर्क करने का प्रावधान:

दंड प्रक्रिया संहिता के प्रस्तावित संशोधन के तहत अदालतें संबंधित अनिवासी भारतीय के खिलाफ भारत सरकार के विदेश मंत्रालय की विशेष रूप से तैयार की गयी वेबसाइट के जरिये समन जारी कर सकती हैं। इसके अलावा घोषित अपराधी की चल एवं अचल संपत्ति को कुर्क करने का भी इसमें प्रावधान किया गया है।

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  • Web Title:NRI marriage registration required within 30 days