एनआरएचएम घोटाले में सीएमओ समेत तीन को पांच साल की सजा
गाजियाबाद में एनआरएचएम घोटाले में विशेष सीबीआई अदालत ने तीन दोषियों को पांच साल की सजा सुनाई है। दोषियों में चंदौली के पूर्व सीएमओ डॉ. विभूति प्रसाद, उपभोक्ता सहकारी संघ के अनिल जायसवाल और दवा कारोबारी सुरेंद्र पांडेय शामिल हैं। कोर्ट ने उन्हें एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।

गाजियाबाद, संजीव वर्मा। चंदौली के स्वास्थ्य विभाग में हुए एनआरएचएम घोटाले के मामले में मंगलवार को विशेष सीबीआई अदालत ने तीन दोषियों को पांच-पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। पीठासीन अधिकारी अवनीश कुमार पांडेय की अदालत ने चंदौली के तत्कालीन सीएमओ परिवार कल्याण डॉ. विभूति प्रसाद, उपभोक्ता सहकारी संघ लखनऊ के तत्कालीन क्षेत्रीय प्रबंधक अनिल जायसवाल और दवा कारोबारी सुरेंद्र पांडेय पर एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अदालत से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2008 से 2010 के बीच महिलाओं के गर्भधारण को रोकने के लिए 21,694 कॉपर-टी की खरीद की गई थी। आरोप था कि खरीद में निर्धारित नियमों की अनदेखी की गई।
सीबीआई की जांच में निजी स्वार्थ के चलते सरकारी राजस्व को करीब 8.22 लाख रुपये की क्षति पहुंचने की बात सामने आई।मामले की शिकायत के बाद सीबीआई ने वर्ष 2014 में प्राथमिकी दर्ज की थी। जांच पूरी करने के बाद एजेंसी ने 15 दिसंबर 2015 को तीनों आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। पिछले दस साल से चल रही सुनवाई के दौरान कई गवाह और साक्ष्य पेश किए गए। सुनवाई के दौरान पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया। सजा के प्रश्न पर सुनवाई करते हुए अदालत ने तीन दोषियों को पांच-पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही सभी पर एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया।


