DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

मणिपुर में भाजपा के साथ गठबंधन की समीक्षा करेगी एनपीएफ

मणिपुर में भाजपा नीत गठबंधन की सहयोगी पार्टी एनपीएफ ने कहा है कि पार्टी उसके विचारों और सुझावों को तवज्जो नहीं दे रही है। एनपीएफ ने शनिवार को इस बात पर फैसला करने के लिए अपने नेताओं की बैठक बुलाई है कि उसे गठबंधन में बने रहना है या अपना समर्थन वापस लेना है।

इन आरोपों को खारिज करते हुए भाजपा ने कहा कि उसने सरकार के सुचारु कामकाज को सुनिश्चित करने के लिए अपने सहयोगियों को हरसंभव सुविधाएं दी हैं। 60 सदस्यीय विधानसभा में एनपीएफ के पास चार विधायक हैं। अगर पार्टी हटती भी है तो इसक भाजपा नेतृत्व वाले गठबंधन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) के प्रदेश इकाई के प्रमुख अवांगबू नेवमई ने दावा किया कि भाजपा अपने गठबंधन सहयोगियों को तुच्छ समझती है। इस बारे में विस्तृत जानकारी दिए बिना उन्होंने कहा, 2016 में गठबंधन सरकार के गठन के बाद से भाजपा ने कभी गठबंधन की मूल भावना का सम्मान नहीं किया। ऐसे कई मौके आए जब उनके नेताओं ने हमारे सदस्यों को गठबंधन सहयोगी मानने से इनकार किया। विधानसभा में एनपीएफ के चार विधायक हैं।

नेवमई ने यह भी कहा कि भगवा पार्टी ने अपने गठबंधन सहयोगियों को जो वादे किए थे उसे कभी पूरा नहीं किया। नेवमई के दावों को गलत बताते हुए मणिपुर में भाजपा प्रवक्ता सीएच बिजॉय ने कहा, एनपीएफ की मांगें पूरी तरह निराधार और बेबुनियाद हैं। 

लोकसभा चुनाव 2019: शाह बोले-देश की जनता ने मोदी प्रयोग को स्वीकार किया

BJP नेता ने बापू को बताया पाकिस्तान का राष्ट्रपिता, पार्टी से निलंबित

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:NPF to review alliance with BJP in Manipur