15 साल से फरार था एक लाख का इनामी मुस्तफिजुल हसन
आजमगढ़ के व्यापारी की हत्या की साजिश रचने गोरखपुर आया थाआजमगढ़ के व्यापारी की हत्या की साजिश रचने गोरखपुर आया था मुस्तफिजुल हसन के जवाबी फायरिंग में द

गोरखपुर, प्रमुख संवाददाता। गोरखपुर में मुठभेड़ में मारा गया आजमगढ़ का कुख्यात अपराधी मुस्तफिजुल हसन उर्फ बाबू 15 साल से पुलिस को छका रहा था। आजमगढ़ के एक व्यापारी की हत्या की साजिश में वह गोरखपुर में अपने एक साथी से मिलने आया था। सूचना मिलते ही एसटीएफ और खोराबार पुलिस की संयुक्त टीम ने खोराबार क्षेत्र के रामनगर करजहा से कुशीनगर लेन पर घेराबंदी कर उसे दबोचने का प्रयास किया।
पुलिस से मुठभेड़
घेराबंदी देखकर उसने एसटीएफ टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। भागने के प्रयास में उसकी बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई, लेकिन उसने जमीन पर गिरने के बाद भी पुलिस पर कई राउंड गोलियां चलाईं। एक गोली मुख्य आरक्षी महेंद्र सिंह को छूती हुई निकल गई, जबकि दूसरी गोली मुख्य आरक्षी श्रीराम सिंह की बुलेटप्रूफ जैकेट में धंस गई। आत्मरक्षा में एसटीएफ ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें मुस्तफिजुल गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल बदमाश को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और फिर जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी मौत हो गई।
पुलिस अभिरक्षा से फरार होने के बाद बन गया था सिरदर्द
मुस्तफिजुल हसन उर्फ बाबू आजमगढ़ के मेहनगर थाना क्षेत्र के खुन्दनपुर गांव का निवासी था। एसटीएफ के मुताबिक वह वर्ष 2011 से लगातार फरार चल रहा था। वर्ष 2024 में आजमगढ़ पुलिस ने उसे गुजरात से गिरफ्तार किया था, लेकिन महाराष्ट्र के अमरावती ग्रामीण क्षेत्र से न्यायालय लाते समय वह पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया था। इसके बाद से सुरक्षा एजेंसियां उसकी तलाश में लगी थीं। उसकी गिरफ्तारी पर वाराणसी जोन के अपर पुलिस महानिदेशक ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
मुख्तार के शूटर संग बसपा नेता की हत्या की थी
एसटीएफ के अनुसार मुस्तफिजुल का अपना आपराधिक गिरोह था। वर्ष 2008 में उसने अपने गांव के एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला किया। वर्ष 2011 में एक अन्य युवक पर दिनदहाड़े गोली चलाई। वर्ष 2012 में अपने साथियों के साथ मिलकर एक व्यक्ति की हत्या कर दी और फरार हो गया। वर्ष 2021 में उसने बसपा नेता कलामुद्दीन की हत्या अपने गिरोह और मुख्तार अंसारी के करीबी शूटर अलीशेर के साथ मिलकर की थी। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, चोरी, धमकी, पुलिस अभिरक्षा से फरार होने सहित 11 मुकदमे दर्ज थे।


