DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

नोएडा: सड़ती रही मां की लाश, नहीं आया बेटा, बदबू आने पर 20 दिन बाद पहुंची पुलिस

crime

नोएडा के सेक्टर-99 में सुप्रीम सोसाइटी में 20 दिन से बंद फ्लैट में रविवार को एक महिला का शव मिला है। महिला फ्लैट में अकेली रहती थी। उसका बेटा बेंगलुरू में सोफ्टवेयर इंजीनियर है। दोनों किडनियां खराब होने के चलते महिला की हालत काफी नाजुक थी। 20 दिन से न तो बेटे ने उसकी कोई सुध ली और न ही किसी पड़ोसी ने उसका दरवाजा खटखाया। बदबू आने पर पुलिस को सूचना दी गई। सेक्टर-39 पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरु कर दी है।

मूल रूप से पश्चिम बंगाल के दक्षिणी कोलकाता निवासी बबीता(52) सुप्रीम सोसाइटी के टावर नंबर वन में किराए के फ्लैट में अकेली रहती थीं। उनका 28 वर्षीय बेटा सिद्धार्थ बसु बेंगलरु स्थित एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। बबीता की दोनों किडनियां खराब थीं। प्रत्येक हफ्ते दिल्ली के एक अस्पताल में उनका डायलेसिस होता था। पूर्व में बेटा भी कुछ दिन के लिए बीबता को बेंगलुरु साथ लेकर गया था और वहां उनका उपचार कराया था। लेकिन काफी इलाज के बाद भी वह ठीक नहीं हो सकीं। नोएडा में वह खुद ही अपना भोजन बनाने समेत तमाम घरेलू कामकाज करती थीं। 

ईमानदारी से TAX चुकाने वालों को मिलेंगी सरकारी सुविधाएं और विशेष दर्जा

करीब 20 दिन से उनके फ्लैट का मुख्य द्वार भीतर से बंद था। लेकिन किसी पड़ोसी ने उनका दरवाजा खटखटाने की कोशिश नहीं की। न ही किसी ने पुलिस को सूचना देने की जहमत उठाई। इस दौरान बेटे ने भी यहां आकर मां की सुध नहीं ली। शनिवार से पड़ोसियों को फ्लैट से बदबू आ रही थी। मगर इसके बाद भी लोगों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। जब ज्यादा बदबू फैलने लगी तो रविवार सुबह सात बजे एक पड़ोसी ने पुलिस को फोन कर सूचना दी। मौके पर पहुंची सेक्टर-39 पुलिस गेट तोड़कर फ्लैट में दाखिल हुई। कमरे में बबीता का शव बैड पर पड़ा हुआ था। पुलिस ने फ्लैट से साक्ष्य जुटाए। पुलिस को वहां से मेडिकल कागज मिले हैं। जिसमें पता चला है कि वह किडनी की गंभीर बीमारी से पीड़ित थीं। पुलिस ने मामले की सूचना बबीता के बेटे शिद्धार्थ को दी। हवाई सफर से दोपहर तक सिद्धार्थ बेंगलुरु से नोएडा पहुंचा। 

एसएचओ अमित कुमार ने बताया कि महिला की मौत बीमारी के चलते हुई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस मामले में कोई लिखित में शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। 

उत्तराखंडः सेना ने पांच घंटे में 15 धमाकों से उड़ाई 20 मिसाइलें

19 सितंबर को हुई थी बात 
अंतिम बार सिद्धार्थ की अपनी मां से 19 सितंबर को फोन पर बात हुई थी। सिद्धार्थ ने पुलिस को बताया कि वह 3-4 दिन से अपनी मां के पास फोन लगा रहा था, लेकिन मोबाइल बंद था। तभी से उन्हें अनहोनी की आशंका थी। उन्होंने फ्लैट मालिक को फोन पर संपर्क करने का भी प्रयास किया था।

अकेलेपन से परेशान थी महिला
सोसाइटी में रहने वाली एक महिला ने बताया कि बबीता कभी-कभी उन्हें पार्क में टहते हुए मिल जाती थी। लेकिन वह खुश नहीं रहती थी। हमेशा चेहरे पर मायूसी छाई रहती थी। वह अपनी बीमारी और अकेलेपन के बारे में बताती थीं। काफी बीमार होने के बाद भी उन्होंने कभी किसी पड़ोसी से कोई मदद नहीं मांगी। ज्यादा बाहर नहीं घूमतीं थीं। 15 साल पहले महिला का तलाक हो गया था। 

त्योहारों में यात्रियों को AirAsia का तोहफा, किराए में 70% तक की छूट

नोएडा में नहीं है बुजुर्ग का आसरा
वर्तमान में नोएडा में बेसाहारा बुजुर्गो के रहने-खाने और देखभाल करने की कोई व्यवस्था नहीं है। लेकिन सेक्टर-62 में प्राधिकरण की तरफ से एक दादा-दादी पार्क का निर्माण करया गया है। अभी यह पार्क शुरु नहीं हुआ है। इस पार्क में बेसाहारा बुजुर्गो की देखभाल करने और रहने-खाने की व्यवस्था की जाएगी। 

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Noida: woman dead body found in locked flat in sector 99