डेढ़ करोड़ की चोरी करने गिरोह का पर्दाफाश
- 400 से अधिक कैमरों की फुटेज खंगालकर आरोपियों तक पहुंची पुलिस -1.48 करोड़

नोएडा, रवि प्रकाश सिंह रैकवार । सेक्टर-20 थाने की पुलिस ने घर के गैराज से करीब डेढ़ करोड़ रुपये की चोरी करने वाले गिरोह का मंगलवार को पर्दाफाश कर छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से एक कार और एक करोड़ 48 लाख रुपये बरामद हुए। आरोपी इससे पहले बुलंदशहर, मथुरा और हाथरस में भी वारदात कर चुके हैं। डीसीपी नोएडा साद मियां खान ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अवनीश कुमार, पवन उर्फ शिवम उर्फ कांचा, जितेंद्र कुमार, सुमित कुमार, अनिल कुमार और नीशू चौहान के रूप में हुई है। इनमें अवनीश मुख्य आरोपी है। आरोपी अवनीश अपने तीन साथियों आशीष, आदर्श और भरत के साथ सीए फर्म से जुड़ा काम करता है। ये लोग निवेश के नाम पर लोगों से रकम लेते और उसे बाजार में लगाने के बाद निवेशकों को मुनाफा देने का दावा करते। इसी सिलसिले में कुछ दिन पहले एक व्यक्ति ने आशीष को करीब डेढ़ करोड़ रुपये दिए थे। उसने रकम को एक साल में डेढ़ से दो गुना करने और हर महीने अच्छा मुनाफा देने की बात कही थी।
चोरी की योजना
आशीष ने रकम सेक्टर-25 स्थित अपने घर के गैराज में रख दी। उसे उम्मीद थी कि रकम को निवेश कर अच्छा रिटर्न दिया जाएगा। लेकिन इस रकम की जानकारी उसके साथ काम करने वाले अवनीश, आदर्श और भरत को भी थी। यही जानकारी बाद में चोरी की वजह बन गई। अवनीश ने भी आशीष को करीब 46 लाख रुपये दिए थे। उसे अपनी रकम पर अपेक्षित मुनाफा नहीं मिल रहा था। इसी कारण अवनीश परेशान था। जब उसे पता चला कि आशीष के गैराज में करीब डेढ़ करोड़ रुपये रखे हैं तो उसके मन में रकम हड़पने की योजना आई। उसने अपने पांच साथियों और रिश्तेदारों को साजिश में शामिल किया। सभी ने मिलकर गैराज से रकम चोरी करने की साजिश तैयार की। इसके बाद 11 अगस्त को मौका देखकर गैराज से रकम चोरी कर ली गई। वारदात के बाद आरोपी अलग-अलग हो गए और चोरी की रकम को अपने पास रख लिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद सेक्टर-20 थाना पुलिस ने मामले के पर्दाफाश के लिए तीन टीमें गठित कीं।
पुलिस की कार्रवाई
रकम बांटने पहुंचे तो दबोचे गए : एडिशनल डीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि मंगलवार को सभी आरोपी रजनीगंधा चौराहे से फिल्म सिटी की ओर जाने वाले रास्ते पर एकत्र हुए। उनके पास चोरी की रकम थी और सभी के बीच रुपये का बंटवारा होना था। पुलिस टीम को इसकी जानकारी पहले ही मिल चुकी थी। टीम ने घेराबंदी की और मौके से छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी में आरोपियों के कब्जे से एक करोड़ 48 लाख रुपये नकद बरामद हुए। आरोपियों से पूछताछ कर चोरी की रकम के संबंध में और जानकारी जुटाई जा रही है। वारदात के बाद भी आरोपी एक दूसरे के संपर्क में थे। उनके बीच अलग-अलग नंबरों से कई बार बात भी हुई। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने आशीष के गैराज से रकम चोरी करने की बात कबूल की। इसके बाद सभी आरोपियों को जेल भेजा गया।
जांच प्रक्रिया
संदिग्ध कारों ने आरोपियों तक पहुंचाया
पुलिस ने घटनास्थल से लेकर आरोपियों के संभावित रास्तों तक लगे 400 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। लगातार फुटेज देखने के दौरान पुलिस को करीब 20 ऐसी कारें दिखाई दीं, जिनके नंबर संदिग्ध या गलत थे। पुलिस ने इन कारों की जानकारी जुटानी शुरू की। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और लोकल इंटेलिजेंस की मदद से संदिग्ध लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी गई। धीरे-धीरे जांच उस गिरोह तक पहुंच गई, जिसने रकम चोरी की थी।
गिरोह का सरगना
पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी अवनीश कुमार अलीगढ़ के साथा गांव का रहने वाला है। 33 वर्षीय अवनीश बीएससी पास है और पिछले करीब एक साल से टीपीएफ (ट्रेडिंग प्रॉफिट फंड) में काम कर रहा है। पवन उर्फ शिवम उर्फ कांचा 28 वर्ष का है और मथुरा का रहने वाला है। वह दिल्ली-एनसीआर और मथुरा में ओला-उबर टैक्सी चलाता है। जितेंद्र कुमार 24 वर्ष का है और हाथरस का रहने वाला है। वह शराब की दुकान पर सेल्समैन है। सुमित कुमार 22 वर्ष का है और एटा का रहने वाला है। वर्तमान में फेज-2 में रहता है और नौकरी करता है। अनिल कुमार 22 वर्ष का है और अलीगढ़ का रहने वाला है। वह भी शराब की दुकान पर सेल्समैन है। नीशू चौहान 29 वर्ष का है और अलीगढ़ का रहने वाला है। वह खेती करता है।
आपराधिक इतिहास
तीन आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज
एसीपी प्रवीण सिंह ने बताया कि पवन उर्फ शिवम के खिलाफ मथुरा और नोएडा के अलग-अलग थानों में नौ मुकदमे दर्ज हैं। अनिल के खिलाफ हाथरस और नोएडा में छह मुकदमे दर्ज हैं। जितेंद्र के खिलाफ बुलंदशहर और नोएडा में तीन मामले दर्ज हैं। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि निवेश के नाम पर रकम लेने वाले आशीष और उसके साथियों का पूरा कारोबार किस तरह चलता था। कितने लोगों से रकम ली गई और रकम कहां-कहां निवेश की गई, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है। डीसीपी नोएडा साद मियां खान ने मामले का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को सम्मानित करने की बात कही है।
भरोसे का लालच
लालच में आकर दोस्त का भरोसा तोड़ा
अवनीश और आशीष केवल कारोबारी साथी नहीं थे, बल्कि एक-दूसरे के काम और रुपये की जानकारी भी रखते थे। अवनीश ने आशीष को करीब 46 लाख रुपये निवेश के लिए दिए थे। जब उसे मनमाफिक मुनाफा नहीं मिला तो उसे यह जानकारी भी थी कि आशीष के गैराज में करीब डेढ़ करोड़ रुपये रखे हैं। इसी जानकारी ने भरोसे को लालच में बदल दिया और साथी की रकम का चोर बन गया। चोरी के बाद आरोपियों को लगा कि अब रकम उनके हाथ में सुरक्षित है, लेकिन पुलिस को उनकी अगली योजना की भनक लग गई।


