दिल्ली छोड़कर....., सुल्तानपुर के ध्यानार्थ :::गबन मामले में दो कर्मचारियों पर केस दर्ज
नोएडा में एटीएम में नकदी डालने के दौरान 90 हजार रुपये के गबन का मामला सामने आया है। कैश मैनेजमेंट कंपनी के दो कर्मचारियों पर आरोप है कि उन्होंने एटीएम से नकदी निकालकर कंपनी में जमा नहीं की। कंपनी ने पुलिस से शिकायत की है और मामले की जांच शुरू हो गई है।

-एटीएम से नकदी निकालकर कंपनी में जमा न करने का आरोप, जांच में 90 हजार रुपये कम मिले नोएडा, वरिष्ठ संवाददाता। सेक्टर-113 थानाक्षेत्र में एटीएम में नकदी डालने के दौरान 90 हजार रुपये के गबन का मामला सामने आया है। कैश मैनेजमेंट कंपनी के दो कर्मचारियों पर एटीएम से नकदी निकालकर उसे कंपनी में जमा नहीं करने का आरोप है। कंपनी के लीगल मैनेजर की शिकायत पर पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
कंपनी का विवरण
हिताची कैश मैनेजमेंट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की लीगल मैनेजर महक गुप्ता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी कंपनी का कार्यालय फेज वन थानाक्षेत्र के सेक्टर दो में है। कंपनी को एटीएम में नकदी डालने और पुरानी नकदी वापस लाने के लिए कैश मैनेजमेंट सर्विसेज (सीएसएस) के साथ अनुबंध किया गया है। अनुबंध के अनुसार एटीएम में नकदी डालने और निकाली गई पुरानी नकदी को सुरक्षित वॉल्ट में जमा करने की जिम्मेदारी सीएसएस के कर्मचारियों की होती है। 16 मई को एटीएम आईडी एमबीपी 01501 में नकदी डालने के लिए संजीव कुमार निवासी फरीदाबाद और प्रभात कुमार पांडेय निवासी सुल्तानपुर को कस्टोडियन नियुक्त किया गया था। इनके साथ वाहन चालक सूरज मौली और सुरक्षा गार्ड मनोज तथा राज बहादुर भी तैनात थे। नकदी ले जाने के लिए दिल्ली नंबर के वाहन का इस्तेमाल किया जाता था।
घटना का विवरण
कंपनी का आरोप है कि 16 मई 2025 को दोनों कस्टोडियन को एटीएम में नकदी डालने और पुरानी नकदी वापस लाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इस दौरान एटीएम से पुरानी नकदी निकालकर बैंक के निर्देश के अनुसार नई नकदी मशीन में डाली जानी थी। निकाली गई पुरानी नकदी को कंपनी के सुरक्षित वॉल्ट में जमा करना आवश्यक था। कंपनी ने बताया कि इस एटीएम में 30 अप्रैल और 15 मई को भी नकदी डालने का काम सफलतापूर्वक किया गया था। बाद में एटीएम से प्राप्त नकदी का मिलान इलेक्ट्रॉनिक रिपोर्ट, स्विच लॉग, जर्नल काउंटर और ईओडी रिपोर्ट से किया गया। जांच में 90 हजार पांच सौ रुपये की नकदी कम पाई गई। सीसीटीवी फुटेज, ओटीपी रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से दोनों कस्टोडियन की भूमिका संदिग्ध प्रतीत हुई। कंपनी ने घटना से वित्तीय नुकसान होने की बात कहते हुए पुलिस से मामले की गहन जांच कर भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस मामले में दोनों नामजद आरोपियों से पूछताछ कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


