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चुनाव आयोग के अलावा कोई नहीं काट या जोड़ सकता वोटर लिस्ट में नाम

Election Commission of India

मतदाता सूची (Voter List) में नाम कटने के बाद जोड़ने की फोन कॉल आने के बाद निर्वाचन आयोग (Election Commission) ने कहा कि कोई व्यक्ति न तो किसी का नाम वोटर लिस्ट में जुड़वा सकता है और ही कटवा सकता है। यह काम आयोग ही सिर्फ वोटर के आवेदन पर करता है। वोटर और आयोग के बीच में कोई तीसरा व्यक्ति नहीं आ सकता।

पूर्व उपचुनाव आयुक्त नूर मोहम्मद ने कहा वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए फार्म 6 तथा कटवाने के लिए फार्म 7 भरना पड़ता है। नाम जोड़ने के लिए फार्म 6 भरने (ऑनलाइन/ ऑफलाइन दोनों) के बाद बीएलओ उस व्यक्ति के घर पर आकर सत्यापन करेगा कि वह बताए गए पते पर रहता है या नहीं और उसके हस्ताक्षर का मिलान करेगा। सत्यापन करन के बाद उसका व्यक्ति का नाम वोटर लिस्ट में जुड़ जाता है। उन्होंने कहा कि यह लिस्ट राज्यों के चुनाव आयोग के पास रहती है। आयोग किसी सरकार के अधीन नहीं है वह भारत निर्वाचन आयोग के अधीन रहता है जिससे सरकार या राजनैतिक दल उस पर कोई प्रभाव नहीं डाल सकते।

मोहम्मद ने कहा कि वोटर लिस्ट से नाम कटवाने की प्रक्रिया अलग है। यह फार्म 7 से शुरू होती है। इसके लिए भी सत्यापन होता है और जिसका नाम काटा जा रहा है उसके नाम पर नोटिस भेजा जाता है। नोटिस का जवाब नहीं मिलने पर नाम काट दिया जाता है। उन्होंने बताया कि कई बार कंप्यूटर की गलती से नाम डीलिट हो जाते हैं। ऐसे नाम डाटा बेस में रहते हैं लेकिन रोल में शो नहीं करते। उन्होंने कहा कि इस गलती को ईआरओ (मतदाता सूची अधिकारी) दुरुस्त करता है। कोई तीसरा व्यक्ति इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकता।

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मोहम्मद ने कहा कि आयोग ने पहले से ही बल्क में फार्म 6 लेने पर रोक लगा रखी है। हां किसी के परिवार में यदि 10 लोग हैं तो वह एक साथ अर्जी दे सकते हैं लेकिन इसमें भी सत्यापन सभी का होता है। उन्होंने कहा कि लिस्ट में हर साल 3 से 5 फीसदी की घट-बढ़ होती है, क्योंकि कुछ लोगों मृत्यु हो जाती है और कुछ स्थानांतरित हो जाते हैं या घर बदल लेते हैं। इससे ज्यादा इसमें कुछ होना संभव नहीं है। वहीं कुछ लोग 18 वर्ष के हो जाते हैं तो वे अपना नाम सूची में जुड़वाते हैं।

दिल्ली में मतदाताओं को आ रहे थे फोन
राष्ट्रीय राजधानी में पिछले कई दिनों से लोगों के घरों में फोन आ रहे थे कि आपका नाम वोटर लिस्ट से कट गया था और उसे जुड़वा दिया गया है। यह कॉल एक राजनैतिक दल के खिलाफ आती थी और जिसमें विरोधी दल का होने का दावा करने वाला व्यक्ति लोगों से कहता था कि आपका नाम लिस्ट में जुड़वा दिया गया है। आयोग ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करवाई है।

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  • Web Title:No one can delete or add you name in the voter list except Election Commission