No Hindu texts allow violence says shashi Tharoor - कोई भी हिंदू ग्रंथ हिंसा की इजाजत नहीं देता : थरूर DA Image

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कोई भी हिंदू ग्रंथ हिंसा की इजाजत नहीं देता : थरूर

Shashi Tharoor

कांग्रेस नेता शशि थरूर बेंगलुरु सहित्य महोत्सव में अच्छे हिंदू वाले पर बयान पर अब भी कायम हैं। उन्होंने रविवार को साक्षात्कार में कहा, कोई भी हिंदू ग्रंथ हिंसा की इजाजत नहीं देता। शास्त्रों का कहना है कि लोगों को राम को अपने दिलों में बसाना चाहिए। 

एक संवाद एजेंसी को दिए साक्षात्कार में कांग्रेस सांसद ने कहा, वास्तव में, अगर कुछ हैं, तो शास्त्रों में यह है कि राम को अपने दिलों में बसाएं। अगर राम आपके दिल में बसे हैं, तो फिर इसके कोई ज्यादा मायने नहीं होने चाहिए कि वह और कहां हैं या कहां नहीं हैं, क्योंकि वह हर कहीं हैं। उन्होंने यह बात अपने पुराने बयान पर पूछे सवाल पर कही, जिसमें उन्होंने कहा था कि कोई भी अच्छा हिंदू विवादित स्थल पर बलपूर्वक मंदिर नहीं चाहेगा। 

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थरूर ने कहा,मैं सिर्फ यह कहना चाहता हूं कि क्या कोई हिंदू ऐसी जगह तनाव पैदा कर मंदिर बनवाना चाहेगा। एक अच्छा हिंदू कानून का पालन करने वाला हिंदू है। एक अच्छा हिंदू वह है जिसमें इंसानियत हो। उन्होंने यह दलील भी दी कि एक अच्छा हिंदू स्वाभाविक रूप से वह है, जो प्रार्थना करता है और प्रार्थना में विश्वास रखता है, हिंदू शास्त्र अपना रास्ता निकालने के लिए हिंसा के इस्तेमाल की इजाजत नहीं देते। 

कांग्रेस नेता ने कहा, आदि शंकराचार्य के समय से ही अहिंसा पर ज्यादा जोर दिया गया है। अधिकतर अच्छे हिंदू जिन्हें मैं जानता हूं वह उस जगह पर राम मंदिर चाहते हैं, जहां उनका मानना है कि उनका जन्म हुआ। लेकिन अधिकतर अच्छे हिंदुओं को दूसरों के पूजास्थल को ध्वस्त कर यह नहीं चाहिए था। उन्होंने भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी को उद्धृत किया, जिन्होंने विवादित ढांचे को गिराए जाने को अपनी जिंदगी का सबसे दुखद दिन करार दिया था। थरूर ने अपने बयान पर भाजपा की प्रतिक्रिया पर भी हैरानी जताई।  

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