DA Image
7 नवंबर, 2020|8:28|IST

अगली स्टोरी

छत्तीसगढ़: मरवाही सीट पर 20 साल में पहली बार जोगी परिवार से दावेदार नहीं, बघेल के खिलाफ अमित कर रहे प्रचार

amit jogi

छत्तीसगढ़ में अजीत जोगी के गढ़ मरवाही में उनके बेटे अमित जोगी का पर्चा खारिज होने के बाद यहां अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के बीच सीधी लड़ाई है। छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जेसीसीजे) के नेता अजीत जोगी की मौत की वजह से मरवाही में उपचुनाव हो रहा है। राज्य के गठन के बाद पिछले 20 वर्षों में पहली बार जोगी परिवार से कोई भी मरवाही में मैदान में नहीं हैं। मरवाही सीट गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले में आती है और 3 नवंबर को यहां उपचुनाव होना है।

19 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जेसीसीजे) के अध्यक्ष अमित जोगी का नामांकन कलेक्टर ने हाई पावर कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर खारिज कर दिया था। हाई पावर कमेटी ने अमित जोगी को कंवर जाति का नहीं माना और  एसटी का प्रमाण पत्र रद्द किए जाने की रिपोर्ट भेजी थी। कमेटी इससे पहले अमित जोगी के पिता और पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी का जाति प्रमाण पत्र भी रद्द कर चुकी है। अमित जोगी की पत्नी ऋचा जोगी ने भी इस सीट के लिए नामांकन दाखिल किया था, लेकिन इसी आधार पर जिला कलेक्टर ने उनका नामांकन भी रद्द कर दिया था।

नामांकन रद्द होने के बाद अमित जोगी ने मरवाही में डेरा डालने का फैसला किया। यहां वे अब लोगों से मिल रहे हैं और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ खुलकर प्रचार कर रहे हैं। चुनाव क्षेत्र में प्रचार कर रहे कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया कि अमित जोगी और उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भाजपा के साथ हाथ मिला लिया है।

अमित जोगी ने एचटी से बात करते हुए कहा, "मैंने  लोगों को ये नहीं बताया कि उन्हें किसे वोट देना चाहिए, लेकिन मैंने उन्हें निश्चित रूप से कहा कि उन्हें कांग्रेस को वोट नहीं देना चाहिए।" अमित ने कहा, “मरवाही में मेरा अभियान वोट के लिए नहीं है, बल्कि लोगों को कांग्रेस सरकार द्वारा मेरे साथ किए गए अन्याय के बारे में बताने के लिए है। इस सरकार ने मेरे पिता की स्मृति का अपमान किया है और वे हर दिन मेरे पिता को गाली देते रहते हैं। ”

अमित जोगी ने कहा, "भूपेश बघेल मुझे इस चुनाव से बाहर कर सकते हैं, लेकिन मरवाही के लोगों के दिल से नहीं निकाल सकते। मैं आश्वस्त हूं कि मरवाही के लोग मेरे पिता की प्रतिष्ठा की रक्षा करेंगे।" दूसरी तरफ, कांग्रेस के प्रवक्ता आर पी सिंह का कहना है, "अजीत जोगी की मौत के बाद अमित जोगी का यहां कोई आधार नहीं रह गया है। लोगों को यह भी पता चल चुका है कि अमित बीजेपी के साथ हाथ मिला चुके हैं। बीजेपी हमारे आसपास भी नहीं है और हम उपचुनाव को जीतने जा रहे हैं।"  

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:No contestant from Jogi family for the first time in 20 years on Marwahi seat now Amit jogi is campaigning against Baghel chhattisgarh