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OBC कोटे के मुद्दे को लोकसभा चुनाव तक जिंदा रखेंगे नीतीश कुमार, कर्पूरी चर्चा और भीम रथ की तैयारी

नीतीश कुमार ने 2024 के आम चुनाव के लिए पीएम नरेंद्र मोदी जैसी ही कैंपेन रणनीति बनाई है। कर्पूरी पे चर्चा और भीम रथ निकालकर वह कोटे के मुद्दे को अगले कुछ महीनों तक जिंदा रखना चाहते हैं।

OBC कोटे के मुद्दे को लोकसभा चुनाव तक जिंदा रखेंगे नीतीश कुमार, कर्पूरी चर्चा और भीम रथ की तैयारी
Surya Prakashलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीFri, 13 Oct 2023 09:47 AM
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बिहार में जातीय सर्वे कराकर उसके आंकड़े सामने रखने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब ओबीसी आरक्षण की मांग उठा रहे हैं। उनका कहना है कि ओबीसी समाज की आबादी यदि 60 फीसदी से भी ज्यादा है तो उन्हें उसके अनुपात में ही आरक्षण मिलना चाहिए। यही नहीं इस मसले को वह लोकसभा चुनाव तक जिंदा रखना चाहते हैं ताकि जातीय आधार पर ध्रुवीकरण हो और उसका फायदा मिल सके। अगले साल अप्रैल-मई तक लोकसभा चुनाव होने हैं और अगले 6 महीने तक नीतीश कुमार का फोकस ओबीसी आरक्षण पर ही रहने वाला है।

इसके लिए भाजपा की ही कैंपेन स्ट्रैटजी को नीतीश कुमार दोहरा सकते हैं। भाजपा ने 2014 के आम चुनाव में 'चाय पे चर्चा' नाम से कैंपेन किया था और जगह-जगह चाय पर लोगों को बिठाकर बात की थी। अब नीतीश कुमार इसी तर्ज पर 'कर्पूरी चर्चा' शुरू करने वाले हैं। इसके तहत वे 7 टीमें बनाने वाले हैं, जो पूरे प्रदेश में जाएंगी। इस दौरान अति पिछड़े वर्ग के लोगों से टीम बात करेगी और उन्हें जातीय सर्वे के फायदे बताएगी। इन चर्चाओं के जरिए पिछड़े समुदायों को यह बताने की कोशिश होगी की नीतीश सरकार में उनके लिए क्या कदम उठाए गए हैं।

इसके अलावा केंद्र सरकार में यदि जेडीयू और उसके सहयोगी दल आते हैं तो फिर आबादी के अनुपात में आरक्षण दिया जा सकता है। कर्पूरी चर्चा कैंपेन का नाम समाजवादी नेता और पूर्व बिहार सीएम कर्पूरी ठाकुर के नाम पर रखा गया है। कर्पूरी ठाकुर को सोशल इंजीनियरिंग की राजनीति के पुरोधा के तौर पर देखा जाता है। जातीय सर्वे की रिपोर्ट पेश होने से पहले ही जेडीयू ने कर्पूरी चर्चा का प्रोग्राम तय कर लिया था। पार्टी नेताओं का कहना है कि अब तक राज्य की 63 विधानसभा सीटों पर ऐसी चर्चाओं का आयोजन हो चुका है। एक नेता ने कहा कि हम जनवरी तक सभी 243 सीटों पर पहुंचने वाले हैं। यही नहीं अगले साल 24 जनवरी को पटना में एक बड़ा आयोजन होगा।

यह कार्यक्रम कर्पूरी ठाकुर की जयंती पर होगा। कर्पूरी चर्चा से जुड़े आयोजनों में जेडीयू ने उनके बेटे रामनाथ ठाकुर को लगाया है। इसके अलावा मंगनी लाल मंडल, मदन सहनी, शीला मंडल, कहकशा परवीन, चंद्रेश्वर चंद्रवंशी और धर्मेंद्र चंद्रवंशी जैसे नेताओं को इस आयोजन की जिम्मेदारी दी गई है। यही नहीं दलित वर्ग के मतदाताओं को लुभाने के लिए भीम संसद का भी आयोजन किया जा रहा है।

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