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24 फरवरी, 2020|6:56|IST

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कश्मीर में इंटरनेट बैन को जायज ठहरा बोले नीति आयोग के सदस्य- वहां गंदी फिल्में देखने के लिए होता है इंटरनेट यूज

niti aayog member vk saraswat

नीति आयोग के एक सदस्य वीके सारस्वत ने जम्मू-कश्मीर में इंटरनेट बैन को सही ठहराते हुए एक विवादित बयान दिया है। नीति आयोग ने सदस्य वीके सारस्वत ने शनिवार को दावा किया आर्टिकल 370 खत्म होने के बाद जम्मू-कश्मीर में इंटरनेट बैन होने से अर्थव्यवस्था पर कोई खास असर नहीं पड़ा है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में इंटरनेट का इस्तेमाल 'गंदी फिल्में' देखने में होता था। बता दें कि अगस्त में आर्टिकल 370 को हटाने के बाद कश्मीर के अधिकतर इलाकों में इंटरनेट बैन कर दिया गया। 

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, राजनेता कश्मीर क्यों जाना चाहते हैं? वे दिल्ली की सड़कों पर हो रहे विरोध-प्रदर्शनों को कश्मीर में रिक्रिएट करना चाहते हैं। वे विरोध-प्रदर्शनों को हवा देने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं। अगर कश्मीर में इंटरनेट न हो तो क्या फर्क पड़ता है? आप वहां इंटरनेट पर क्या देखते हैं? वहां क्या ई-टेलिंग हो रही है? गंदी फिल्में देखने के अलावा, आप वहां कुछ भी नहीं करते हैं।

दरअसल, सारस्वत गांधीनगर में धीरूभाई अंबानी इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी में वार्षिक दीक्षांत समारोह के मौके पर पत्रकारों से बात कर रहे थे, जहां वे मुख्य अतिथि थे। उनकी प्रतिक्रिया इस सवाल पर आई कि जब उन्हें लगता है कि भारत के विकास के लिए दूरसंचार महत्वपूर्ण है तो जम्मू-कश्मीर में इंटरनेट सेवाओं को निलंबित क्यों कर दिया।

पिछले साल केंद्र के अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान निरस्त कर राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने की पांच अगस्त की घोषणा की पूर्व संध्या पर जम्मू कश्मीर में इंटरनेट, लैंडलाइन, मोबाइल फोन सेवाएं बंद कर दी गई थीं।

जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने घाटी में प्रीपेड मोबाइल सेवाओं पर पांच महीने से लगी रोक को शनिवार को हटाने का आदेश दिया। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि इसके अलावा पूरे जम्मू क्षेत्र में पोस्टपेड कनेक्शनों पर 2जी मोबाइल डेटा सेवा भी बहाल कर दी गई। वहीं कश्मीर में पोस्टपेड मोबाइलों पर 2जी मोबाइल डेटा सेवा केवल दो जिलों - कुपवाड़ा और बांदीपोरा में शुरू की गई हैं। प्रशासन ने घाटी में सॉफ्टवेयर सेवाएं देने वाली कंपनियों से फिक्स्ड लाइन इंटरनेट संचार सेवा को सावधानीपूर्वक शुरू करने का भी आदेश दिया।
 

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  • Web Title:Niti Ayog Member VK Saraswat justifies internet ban in Kashmir says internet used to only watch dirty films