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29 जनवरी, 2020|11:24|IST

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दिल्ली गैंगरेप के दोषियों की क्यूरेटिव याचिका खारिज होने के बाद निर्भया की मां ने कही ये बात

nirbhaya mother after sc dismisses curative petition  ani twitter pic

निर्भया गैंगरेप के दोषी विनय कुमार शर्मा और मुकेश सिंह की क्यूरेटिव याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी। यह सुनवाई 2012 गैंगरेप और हत्या के दोषी विनय और मुकश की याचिका पर जस्टिस एनवी रमन्ना की अगुवाई वाली पांच सदस्यीय सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने की। इस बेंच में जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस आरएफ नरीमन, जस्टिस आर भानुमती और जस्टिस अशोक भूषण शामिल थे। जिसके बाद निर्भया के गुहनगारों को अब 22 जनवरी को फांसी होना तय है।

निर्भया की मां ने कहा- बहुत बड़ा दिन

उधर, क्यूरेटिव पेटिशन सुप्रीम कोर्ट की तरफ से खारिज होने के बाद निर्भया की मां आशा देवी ने कहा कि ये दिन उनके लिए बहुत बड़ा है। उन्होंने कहा- “यह दिन मेरे लिए बहुत बड़ा है। मैं पिछले सात वर्षों से संघर्ष कर रहा था लेकिन सबसे बड़ा दिन 22 जनवरी का होगा जब दोषी फांसी पर लटकाए जाएंगे।”

16 दिसंबर 2012 को हुआ था गैंगरेप

गौरतलब है कि दिल्ली में सात साल पहले 16 दिसंबर की रात को एक नाबालिग समेत छह लोगों ने एक चलती बस में 23 वर्षीय निर्भया का सामूहिक बलात्कार किया था और उसे बस से बाहर सड़क के किनारे फेंक दिया था। इस घटना की निर्ममता के बारे में जिसने भी पढ़ा-सुना उसके रोंगटे खड़े हो गए। इस घटना के बाद पूरे देश में व्यापक प्रदर्शन हुए और महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर आंदोलन शुरू हो गया था।

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चार दोषियों को सुनाई गई मौत की सजा

इस मामले के चार दोषियों विनय शर्मा, मुकेश सिंह, पवन गुप्ता और अक्षय कुमार सिंह को मृत्युदंड सुनाया गया। एक अन्य दोषी राम सिंह ने 2015 में तिहाड़ जेल में कथित रूप से आत्महत्या कर ली थी और नाबालिग दोषी को सुधार गृह में तीन साल की सजा काटने के बाद 2015 में रिहा कर दिया गया था।

क्यूरेटिव पिटिशन(क्यूरेटिव याचिका) तब दायर किया जाता है जब किसी मामले के दोषी की राष्ट्रपति के पास भेजी गई दया याचिका और सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी जाती है। ऐसे में क्यूरेटिव पिटिशन ही उस दोषी के पास मौजूद अंतिम मौका होता है, जिसके जरिए वह अपने लिए पहले से तय की गई सजा में नरमी की गुहार लगा सकता है। खास बात है कि क्यूरेटिव पिटिशन किसी भी मामले में अभियोग की अंतिम कड़ी होता है। क्यूरेटिव पिटिशन पर सुनवाई होने के बाद दोषी के लिए कानून के सारे रास्ते बंद हो जाते हैं।

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  • Web Title:Nirbhaya mother reacts after curative petition of Delhi gang rape convicts was rejected