संतों के दर्शन मात्र से जीवन में प्राप्त हो जाती है भक्ति

हिन्दुस्तान, कानपुर
Follow us on Google News
share

संत निरंकारी मिशन कानपुर जोन के प्रचारक महात्मा राजकुमार गुप्ता ने कहा कि जीवन में संतों का दर्शन और भक्ति एक समान है। उन्होंने नबीपुर में सत्संग समारोह में इसका महत्व बताया। उन्होंने मानवता की एकता और परमात्मा के एहसास को जीवन का आधार बताया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

संतों के दर्शन मात्र से जीवन में प्राप्त हो जाती है भक्ति

कानपुर देहात,संवाददाता।संत निरंकारी मिशन कानपुर जोन के प्रचारक महात्मा राजकुमार गुप्ता ने कहा कि जीवन में संतों का दर्शन प्राप्त होने से भक्ति प्राप्त होने के साथ सत्संग प्राप्त हो जाता है। बिना प्रभु के सत्संग संभव नहीं है। गुरु ज्ञान प्रदान करता है। इससे विश्वास प्रेम और सत्संग प्राप्त हो जाता है और भक्ति जीवन में आ जाती है। प्रचारक रविवार को आयोजित नबीपुर में निरंकारी आध्यात्मिक सत्संग समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि सत्संग परमात्मा व भक्ति का वह रुप है जिससे सतगुरु प्राप्त होते है और परमात्मा के दर्शन हो जाते हैं।

संतों की शिक्षाएँ

उन्होंने कहा कि सारी मानवता एक ही निराकार परमात्मा का अंश है कोई ऊंचा या नीचा नहीं है किसी बात से कोई मनमुटाव अगर है भी तो उसको संत मत अपना कर दूर किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अपनी सोच में इस निराकार परमात्मा को शामिल करके खूबसूरत किया जा सकता है। जीवन में हर जगह हर समय हर परिस्थिति में जब इस परमात्मा का एहसास रहता है तो मन अपने आप सुकून का एहसास करता है।

भक्ति का महत्व

इंसान मन की अवस्था के साथ-साथ अपनी सोच को भी तोड़ मरोड़ लिया है। जीवन जीने का तरीका यही है कि जीवन में इस तरह परमात्मा को बसाया जाए । यही तरीका ही भक्ति बन जाता है। असली मायने में एक जीने लायक जीवन किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ब्रह्म ज्ञान की दांत हमारे हिस्से में आई है तो करम रूप में भी ब्रह्म ज्ञान को ही हम हर समय दर्शाये। ज्ञान और कर्म पक्षी के दो पंखे समान है। तभी पक्षी अपनी उड़ान भर सकता है सिर्फ ब्रह्मज्ञान ले लिया और इसे समझा नहीं कर्मों में ढाला नहीं तो जीवन की उड़ान भी सुंदरता भरी नहीं हो सकती है।

कार्यक्रम की जानकारी

निरंकारी सद्गुरु माता सुदीक्षा जी के ब्रह्म ज्ञान द्वारा इस परमात्मा को प्राप्त किया जा सकता है। कार्यक्रम का संचालन महात्मा ओम गुप्ता ने किया महात्मा सुरेश गुप्ता व मुखी रामचंद्र शास्त्री ने साध संगत का धन्यवाद व्यक्त किया। सत्यसंग में बड़ी संख्या में लोगो ने प्रतिभाग किया।

-निरंकारी मिशन प्रचारक राजकुमार गुप्ता ने संत संगत की दी सीख

-अकबरपुर क्षेत्र के नबीपुर गांव में आयोजित किया गया कार्यक्रम

फोटो 19 एकेबी 19

परिचय-आयोजित सत्संग में शामिल श्रृद्धालु।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संत निरंकारी मिशन का उद्देश्य क्या है?
संत निरंकारी मिशन का उद्देश्य भक्ति और सत्संग के माध्यम से मानवता की एकता को बढ़ावा देना है।
Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें
Hindi News , इंडिया न्यूज़ , आज का मौसम , विधानसभा चुनाव और Sawan 2026 से जुड़ी ताज़ा खबरों व पल-पल के अपडेट के लिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े रहें। UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Vidhan Sabha Candisates से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें और जानकारी यहां पढ़ें। सभी बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ऐप अभी डाउनलोड करें।
Hindi NewsNational Newsसंतों के दर्शन मात्र से जीवन में प्राप्त हो जाती है भक्ति