कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट मंजूर
निप्पॉन डेनरो इस्पात लिमिटेड को महाराष्ट्र में कोयला ब्लॉक आवंटित करने में कथित अनियमितता के मामले में विशेष सीबीआई अदालत ने जांच एजेंसी की क्लोजर रिपोर्ट मंजूर कर ली है। अदालत ने कहा कि कंपनी या सरकारी अधिकारियों के खिलाफ कोई पर्याप्त सबूत नहीं मिला। मामले में कांग्रेस नेताओं की आपत्ति भी खारिज कर दी गई।

निप्पॉन डेनरो इस्पात लिमिटेड (एनडीआईएल) को महाराष्ट्र में कोयला ब्लॉक आवंटित करने में कथित अनियमितता के मामले में विशेष सीबीआई अदालत ने जांच एजेंसी की क्लोजर रिपोर्ट मंजूर कर ली है। विशेष सीबीआई न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार खर्ता की अदालत ने अपने आदेश में कहा कि जांच में कंपनी या किसी सरकारी अधिकारी के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी या भ्रष्टाचार का पर्याप्त सबूत नहीं मिला। अदालत ने इस मामले में कांग्रेस नेताओं संदीप दीक्षित और मणिकम टैगोर की ओर से दाखिल विरोध याचिकाएं भी खारिज कर दीं। दोनों कांग्रेस नेताओं ने सीबीआई की 23 दिसंबर 2023 की क्लोजर रिपोर्ट का विरोध करते हुए आरोपियों को अदालत में बुलाने या मामले की आगे जांच कराने की मांग की थी।
हालांकि, अदालत ने कहा कि उसे सीबीआई की जांच के निष्कर्ष से अलग जाने का कोई आधार नहीं मिला। मामला वर्ष 1993 से 1998 के बीच महाराष्ट्र में एनडीआईएल को कई कोयला ब्लॉक आवंटित किए जाने से जुड़ा था। इन ब्लॉकों का इस्तेमाल कंपनी की प्रस्तावित एक हजार मेगावाट बिजली परियोजना के लिए होना था। छह सांसदों की शिकायत पर वर्ष 2012 में केंद्रीय सतर्कता आयोग के स्तर से मामला उठा था।


