भोजपुर के किसान के बेटे को लंदन में सफलता, ग्रेजुएशन के साथ मिला ₹75 लाख सालाना का जॉब ऑफर
भोजपुर जिले के बखोरापुर गांव के किसान परिवार के निखिल सिंह ने लंदन में स्नातक पूरा किया और ₹75 लाख का जॉब ऑफर प्राप्त किया। उनके पिता, अजय सिंह ने निखिल की मेहनत और संघर्ष के बारे में बताया, जो आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद सफल हुए। उन्होंने युवाओं से शिक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही।

बड़हरा/आरा, संवाद सूत्र। बिहार के भोजपुर जिले के बखोरापुर गांव के किसान परिवार से निकलकर लंदन तक का सफर तय करने वाले निखिल सिंह ने अपनी मेहनत और प्रतिभा से सफलता की नई मिसाल कायम की है।
उच्च शिक्षा की यात्रा
उद्योगपति एवं समाजसेवी अजय सिंह के पुत्र निखिल सिंह ने रॉयल हॉलोवे यूनिवर्सिटी लंदन से बिजनेस एवं कंप्यूटर साइंस में स्नातक की पढ़ाई सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ग्रेजुएशन पूरा होते ही उन्हें लंदन की एक प्रतिष्ठित कंपनी से करीब ₹75 लाख वार्षिक वेतन का जॉब ऑफर मिला है। इस उपलब्धि से गांव समेत जिले में खुशी और गर्व का माहौल है।
पिता का संघर्ष
अजय सिंह ने बताया कि निखिल की पहली इच्छा दिल्ली के प्रतिष्ठित श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में दाखिला लेकर उच्च शिक्षा प्राप्त करने की थी। उन्होंने प्रवेश परीक्षा भी दी, लेकिन चयन नहीं हो सका। इसके बाद परिवार ने निराश होने की बजाय नया रास्ता चुना और वर्ष 2023 में निखिल का दाखिला लंदन स्थित उक्त यूनिवर्सिटी में कराया।
भावुक यादें
उन्होंने बताया कि नवंबर 2023 में जब वह अपने बेटे को लंदन के हॉस्टल में छोड़कर भारत लौट रहे थे, तब मन बेहद भावुक था। हजारों किलोमीटर दूर एक अनजान देश में बेटे के भविष्य और उसकी जिम्मेदारियों की चिंता उन्हें लगातार सता रही थी। लेकिन, निखिल ने अपने आत्मविश्वास, अनुशासन और कड़ी मेहनत के दम पर न केवल उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अपनी पढ़ाई पूरी की, बल्कि पढ़ाई समाप्त होने के साथ ही एक प्रतिष्ठित कंपनी में नौकरी का अवसर भी हासिल कर लिया।
जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि
मौके पर अजय सिंह ने अपने संघर्षपूर्ण जीवन को याद करते हुए कहा कि वह भोजपुर के एक साधारण किसान परिवार से आते हैं। गांव के सरकारी स्कूल में बोरा बिछाकर पढ़ाई की और महज 40 रुपये की मजदूरी से अपने जीवन की शुरुआत की थी। आर्थिक अभाव के कारण उनका विदेश में पढ़ाई करने का सपना अधूरा रह गया था, लेकिन आज उनके बेटे ने वही सपना साकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि पूरे परिवार के साथ लंदन में आयोजित निखिल के ग्रेजुएशन समारोह में शामिल होना उनके जीवन का सबसे भावुक और यादगार क्षण रहा। उस समय उनकी आंखों में खुशी और गर्व के आंसू थे।
शिक्षा का महत्व
उन्होंने कहा कि एक किसान परिवार से निकलकर बेटे को विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय से पढ़ाई पूरी करते और अपने दम पर सफलता हासिल करते देखना उनके जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है। अजय सिंह ने युवाओं और अभिभावकों से भी शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील करते हुए कहा कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो सफलता अवश्य मिलती है। उन्होंने विश्वास जताया कि निखिल सिंह आगे भी अपनी प्रतिभा और कार्यक्षमता से नाम रोशन करेंगे.


