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29 अक्तूबर, 2020|4:50|IST

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सुशांत सिंह राजपूत मौत केस: CBI, ED, NCB के बाद अब हो सकती है NIA की एंट्री, ड्रग से संबंधित मामलों की जांच की मिली मंजूरी

फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत मौत केस में अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए की एंट्री हो सकती है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है. क्योंकि ड्रग से संबंधित मामलों की जांच के लिए केंद्र सरकार द्वारा अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी को मंजूरी दे दी गई है। सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा है कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े केस की एनआईए जांच का यह बड़ा कारण हो सकता है। आपको बता दें कि इस एजेंसी का गठन मूल रूप से आतंकवाद से संबंधित मामलों की जांच के लिए किया जाता है।

अगर इस केस की जांच एनआईए को सौंपी जती है तो तो केंद्रीय जांच ब्यूरो, प्रवर्तन निदेशालय और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के बाद एनआईए इस मामले में शामिल होने वाली चौथी एजेंसी बन जाएगी।

वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग ने मंगलवार को एक अधिसूचना जारी की, जिसमें कहा गया कि धारा 53 द नार्कोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 के अनुसार, केंद्र राज्यों के साथ परामर्श करने के बाद ''एनआईए में निरीक्षकों के रैंक से ऊपर के अधिकारियों को शक्तियों का प्रयोग करने और कर्तव्यों का पालन करने के लिए आमंत्रित करता है।''

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यह धारा सरकार को किसी भी अधिकारी को इस अधिनियम के तहत अपराधों की जांच के लिए एक पुलिस स्टेशन की शक्तियां प्रदान करने की अनुमति देती है। एनआईए की स्थापना 2008 के मुंबई सीरियल धमाकों के बाद एक साल के लिए की गई थी। खासतौर से देश भर में आतंकी गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए। पिछले साल एनआईए अधिनियम में संशोधन में, एजेंसी को मानव तस्करी, जाली नोट और साइबर आतंकवाद से संबंधित मामलों की जांच करने का अधिकार क्षेत्र भी दिया गया था, लेकिन मादक पदार्थों के मामले अभी भी इसके दायरे में नहीं थे। मंगलवार को इसका भी आदेश दे दिया गया।

इस मामले के जानकार एक सरकारी अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा कि यह आदेश सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले में चल रही जांच के दायरे का विस्तार कर सकता है, जहां ड्रग्स, मनी लॉन्ड्रिंग और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे उभरे हैं।

एक दूसरे सरकारी अधिकारी ने कहा कि अधिसूचना का महत्व यह था कि ऐसे मामले जो पहले केवल एनसीबी के डोमेन थे, अब एनआईए द्वारा नियंत्रित किए जा सकते हैं। महाराष्ट्र के एक मंत्री से इसके बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मुझे फिलहहाल इसकी कोई जानकारी नहीं है।

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आपको बता दें कि 14 जून को अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत मौत केस की जांच के लिए बिहार सरकार ने जैसे ही सीबीआई जांच की मांग की वैसे ही यह एक राजनीतिक मुद्दा बन गई है। बिहार सरकार की इस मांग की महाराष्ट्र सरकार ने आलोचना की।  मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा और सर्वोच्च न्यायालय ने भी सीबीआई जांच की मंजूरी दे दी। इस केस में  मौत के आसपास की परिस्थितियों की जांच सीबीआई द्वारा की जा रही है और ड्रग्स की एगल पर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो द्वारा जांच की जा रही है। अभिनेत्री और सुशांत की प्रेमिका रिया चक्रवर्ती एक कथित "ड्रग सिंडिकेट" में उनकी भूमिका और अभिनेता के लिए कथित रूप से ड्रग्स की खरीद के लिए हिरासत में हैं। ईडी जांच के मनी लॉन्ड्रिंग पहलुओं पर गौर कर रहा है।

एडीजी (कानून व्यवस्था), जीपी सिंह ने कहा, “यह विशेष रूप से आतंकी मॉड्यूल और ड्रग डीलरों के बीच बढ़ती संबंधों के प्रकाश में एक अच्छा कदम है। एनआईए अधिकारी नार्को-आतंकवाद अपराधों की प्रभावी जांच कर सकते हैं। राज्य पुलिस अधिकारियों की शक्तियों पर इसका कोई असर नहीं होगा।''

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  • Web Title:NIA may join Sushant Singh Rajput Death case investigation Drug Case