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जैश सरगना मसूद अजहर के करीबी के खिलाफ NIA की चार्जशीट, घाटी के युवाओं को भड़काने का आरोप

जम्मू में विशेष अदालत में दायर आरोप पत्र में एनआईए ने आरोप लगाया कि दिलावर इकबाल, मसूद अजहर का करीबी सहयोगी था। उसने उबैद मलिक को जैश-ए-मोहम्मद में शामिल होने को लेकर प्रेरित किया।

जैश सरगना मसूद अजहर के करीबी के खिलाफ NIA की चार्जशीट, घाटी के युवाओं को भड़काने का आरोप
Niteesh Kumarभाषा,नई दिल्लीWed, 15 Nov 2023 09:32 PM
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने सुरक्षाबलों पर हमला कर जम्मू-कश्मीर की शांति को भंग करने के मामले में बड़ा ऐक्शन लिया है। एनआईए ने आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर अल्वी का दाहिना हाथ माने जाने वाले मुहम्मद दिलावर इकबाल और कुपवाड़ा निवासी मोहम्मद उबैद मलिक के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। एजेंसी ने बयान में कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के अब्बासपुर निवासी मुहम्मद दिलावर इकबाल ने केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में युवाओं को आतंकवादी कृत्यों के लिए उकसाने के लिए भड़काऊ भाषण दिए थे। इकबाल को माज खान कश्मीरी और आजाद कश्मीरी सहित कई उपनामों से जाना जाता है।

जम्मू में विशेष अदालत में दायर आरोप पत्र में एनआईए ने आरोप लगाया कि दिलावर इकबाल, मसूद अजहर का करीबी सहयोगी था और उसने उबैद मलिक को जैश में शामिल होने के लिए प्रेरित किया। एनआईए ने आरोप लगाया कि दिलावर इकबाल क्षेत्र में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों और उनके सहयोगियों की ओर से रची गई बड़ी साजिश का हिस्सा था। इसके तहत वह कश्मीरी युवाओं को हथियार उठाने के लिए प्रेरित कर रहा था। NIA के प्रवक्ता ने बताया, 'दिलावर चरमपंथी पृष्ठभूमि वाले युवाओं को भड़काऊ ऑडियो क्लिप और वीडियो के साथ-साथ मौलाना मसूद अजहर अल्वी की तस्वीरें साझा करता था। इससे वह उन्हें जिहाद के लिए उकसाता था जिसमें अजहर को कट्टरपंथी इस्लाम का प्रचार करते हुए दिखाया जाता था। वह कश्मीर में मुठभेड़ों से जुड़े वीडियो भी भेजता था और युवाओं को हथियार उठाने के लिए उकसाता था।'

21 जून 2022 से ही जांच कर रही NIA
एनआईए स्वत: संज्ञान लेकर आतंकवादी साजिश के मामले की 21 जून 2022 से ही जांच कर रही है। यह मामला पाकिस्तान से संचालित आतंकवादी संगठन की ओर से जम्मू कश्मीर में चिपकाने वाले बम, आईईडी और छोटे हथियारों से हिंसक हमले आदि करने की साजिश से जुड़ा है ताकि केंद्र शासित प्रदेश में आतंकवादी हमलों और हिंसा को अंजाम दिया जा सके। एजेंसी ने आरोप लगाया, 'इसमें स्थानीय युवाओं को कट्टरपंथी बनाना और नवगठित आतंकवादी समूहों जैसे- द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ), यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट जम्मू एंड कश्मीर (यूएलएफजेएंडके), मुजाहिदीन गजवत-उल-हिंद (एमजीएच), जम्मू एंड कश्मीर फ्रीडम फाइटर्स (जेकेएफएफ), कश्मीर टाइगर्स, पीएएएफ और अन्य के ओवरग्राउंड कार्यकर्ताओं को संगठित करना शामिल है।' एनआईए ने आरोप लगाया कि ये संगठन लश्कर ए तैयबा, जैश ए मोहम्मद, हिजबुल मुजाहिदीन, अल बद्र, अलकायदा आदि जैसे प्रतिबंधित संगठनों से भी जुड़े थे।

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