एनआईए ने सात विदेशी नागरिकों से नहीं हटाए आतंकवाद के आरोप
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने सात विदेशी नागरिकों के खिलाफ आतंकवाद के आरोप लगाए हैं। इनमें एक अमेरिकी और छह यूक्रेनी शामिल हैं। एनआईए ने आरोपपत्र दाखिल कर यह साबित किया है कि ये लोग म्यांमा से भारत में अवैध तरीके से दाखिल हुए थे।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने सात विदेशी नागरिकों पर गैर-कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत लगाए गए आतंकवाद के आरोप नहीं हटाए और आतंकवाद रोधी कानून के तहत जांच जारी है। इन विदेशी लोगों में एक अमेरिकी और छह यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक, एनआईए ने अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैन डाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों के खिलाफ आव्रजन एवं विदेशी नागरिक अधिनियम (आईएफए) के तहत आरोपपत्र दाखिल किया। जांच में इस कानून के तहत अपराध पूरी तरह से साबित हो चुके हैं। एजेंसी ने अपने पहले आरोपपत्र में यह भी कहा कि यूएपीए के तहत जांच जारी है।
आरोपियों की न्यायिक हिरासत
आरोपियों की न्यायिक हिरासत के 180 दिन आठ सितंबर को पूरे होने वाले थे और अगर आरोपपत्र दाखिल नहीं किया जाता, तो वे अपने आप जमानत के पात्र हो जाते।
एनआईए द्वारा आरोपपत्र दाखिल करना
अधिकारी ने कहा कि चूंकि आईएफए के तहत अपराध साबित हो चुके थे, इसलिए एनआईए ने कानूनी जमानत की अवधि खत्म होने का इंतजार करने के बजाय पहला आरोपपत्र दाखिल किया। वहीं, एनआईए ने आरोपपत्र दाखिल किया, जिसमें सात लोगों पर आव्रजन एवं विदेशी नागरिक अधिनियम की धारा 21 और 23 के तहत गैर-कानूनी तरीके से घुसने, रहने और घूमने-फिरने के आरोप लगाए गए। इन पर आरोप है कि वे म्यांमा से मिजोरम सीमा के रास्ते भारत में दाखिल हुए थे और बाद में देश भर के अलग-अलग घरेलू हवाई अड्डों पर उन्हें पकड़ा गया था。
--------------


